सिलीगुड़ी, [जागरण संवाददाता]। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि पहाड़ में विकास से कोई समझौता नहीं होगा। राज्य सरकार पहाड़ और मैदानी क्षेत्र में समान रूप से विकास कार्यों को मूर्त रूप देगी। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को दार्जिलिंग पार्वत्य क्षेत्र की समस्या को लेकर पिंटेल विलेज में सर्वदलीय बैठक करने के बाद यह बातें कही।

बैठक में सिलीगुड़ी के विकास के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को, अगर उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज नहीं हैं तो दो-दो लाख रुपये व गंभीर रूप से घायलों एक लाख व अन्य घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। बैठक में गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन के बोर्ड ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर विनय तमांग व अन्य प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

बाद में मुख्यमंत्री ने कहा कि जीटीए क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से तत्पर है। विकास के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। दिसंबर के अंतिम सप्ताह से लेकर जनवरी के प्रथम सप्ताह के बीच दार्जिलिंग में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन उत्सव व पार्वत्य क्षेत्र में उद्योग के विकास के लिए उद्योगपति सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव मिला है। ममता ने कहा कि उक्त कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए जीटीए की तरफ से उन्हें आमंत्रण भी मिला है। इसमें शामिल होने के लिए वह दार्जिलिंग आएंगी। उसी दौरान दार्जिलिंग में प्रशासनिक बैठक भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दार्जिलिंग पार्वत्य क्षेत्र में आंदोलन के दौरान डर की वजह से तीन महीने तक कार्यालय नहीं जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को दो माह का वेतन दिया जाएगा। इसके लिएवैकल्पिक रास्ता निकाला गया है। इसके तहत उन्हें 'मेडिकल लीव' का आवेदन करना होगा। इस तरह से उन्हें कुल दो माह का वेतन मिल जाएगा। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की प्रति सहानुभूति जताई और उन्हें पूरा यानी तीन महीने का वेतन देने की घोषणा की, हालांकि उन्होंने आंदोलन के दौरान पीछे छूट गए पाठ्यक्रम को पूरा कराने की शर्त भी रखी।

Posted By: Preeti jha

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