सिलीगुड़ी [जागरण संवाददाता]। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी हिल्स यात्रा के दौरान मंगलवार को करीब ढाई घंटे तक दार्जीलिंग की सड़कों पर मॉर्निंग वॉक किया। इस दौरान उनके साथ जीटीए एडमिनिस्ट्रेटिव बोर्ड के अध्यक्ष विनय तमांग तथा सेक्रेटरी अनित थापा भी थे। आज वे दार्जीलिंग में ही प्रशासनिक बैठक को भी संबोधित करेंगी। बुधवार को नेताजी जयंती समारोह में शिरकत करेंगी।

मुख्यमंत्री से होटल रिचमंड हिल में मिलने पहुंचे विनय तमांग व अनित थापा।
    उन्होंने होटल रिचमंड हिल से सुबह नौ बजे मॉर्निग वॉक की शुरुआत की। फिर दार्जीलिंग के विभिन्न इलाकों से होते हुए करीब साढ़े 11 बजे जू में इसे संपन्न किया। इस दौरान वे जिन इलाकों से गुजरीं, वहां की बेहतरी के लिए विनय व अनित को निर्देश व सुझाव देती रहीं। 

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से होटल में मिलने पहुंचे मन घिसिंग
   उन्होंने लाल कुटीर से जापानी पैगोडा तक सुबह की सैर की। चलते-चलते ही विनय तमांग और अनित थापा को लाल कुटीर तक सड़कों के सौंदर्यीकरण के लिए सलाह दी थी। दार्जिलिंग मॉल का सौंदर्यीकरण करने के लिए भी कहा। इस दौरान नेताजी जयंती समारोह को लेकर की जा रही तैयारियों को भी देखा।
   अपनी सुबह की सैर के समय उन्होंने सख्त निर्देश दिया था कि मीडिया का कोई भी प्रतिनिधि न रहे। कोई फोटो भी नहीं होनी चाहिए। सुबह की सैर उनका निजी मामला है।  बता दें कि ममता बनर्जी जब भी दार्जीलिंग आती हैं. सुबह टहलने के लिए जरूर निकलती हैं। इस दौरान उनके साथ अधिकारी भी होते हैं। मॉर्निंग वॉक के समय को भी वे जाया नहीं करतीं। जिस रास्ते से गुजरती हैं, उस पर यदि कहीं कोई गड़बड़ी दिखती है तो तुरंत उसे दूर करने के निर्देश देती हैं। 
दोपहर में ममता से मिलने के लिए गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष मन घिसिंग अपने साथियों के साथ होटल रिचमंड हिल पहुंचे। बातचीत का विवरण नहीं मिल सका। मन घिसिंग गोरखा आंदोलन जनक सुभाष घिसिंग के बेटे हैं। दोपहर में एक बार फिर विनय तमांग व अनित थापा ने ममता से मुलाकात की। 
   वे इतना तेज चलती हैं कि लोग पीछे-पीछे लगभग दौड़ते हुए चलते हैं। बुधवार 23 जनवरी को दार्जीलिंग मॉल के पास चौरस्ता पर नेताजी की जयंती मनाई जाएगी। इस समारोह में ममता बनर्जी शिरकत करेंगी। लिहाजा इसे भव्य रूप देने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। पूरे दार्जीलिंग शहर में नेताजी और ममता की फोटो वाली होर्डिंग्स, कटआउट आदि लगाए जा रहे हैं। ममता ने सख्त निर्देश दिया है कि नेताजी सिर्फ बंगाल के नहीं, पूरे देश के लिए गौरव हैं। उनकी जयंती मनाने में कहीं कोई कोताही न रहे। उनके जीवनसंघर्ष के आज के बच्चों को प्रेरणा लेने की जरूरत है। 

 

Posted By: Rajesh Patel

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस