सिलीगुड़ी, जागरण संवाददाता। शहर में मकर संक्रांति आस्था और श्रद्धा के साथ मनाई गई। अवसर को लेकर सुबह से घरों और मंदिरों में विशेष चहल-पहल देखी गई। संक्रांति पर श्रद्धालु देवी-देवता के दर्शन करने पहुंचे। इसी क्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने स्थानीय महानंदा नदी में डुबकी लगाई। इस पर्व को बहुत ही शुभ दिन माना गया है क्योंकि भगवान सूर्य ने मकर राशि में प्रवेश किया है। अब खरमास खत्म हो गया है। 

मारवाड़ी, नेपाली, पंजाबी, बंगाली सहित अन्य कई समुदायों में मकर सक्रांति पर्व श्रद्धा के साथ मनाया गया। दान-पुण्य किया गया। मौके को लेकर कहीं पर कंबल बांटे गए तो कहीं खिचड़ी का वितरित की गई। अवसर को लेकर महिलाएं व्यस्त दिखी। एक-दूसरे को पर्व की बधाई देने के साथ ही परिवार में कई रस्मों का पालन किया गया। जिसमें नई-नवेली दूल्हन के मायके की ओर से कई मिठाईयां, तिल के लड्डू रेवड़ी सहित अन्य कई सामग्री परिवार के बड़ों को भेंटस्वरूप दी गई। इसके साथ ही जलेबी इत्यादि की दुकानों पर भी खूब भीड़ रही। हिलकार्ट रोड, सेवक रोड, महाबीर स्थान, खालपाड़ा सहित अन्य इलाकों में खिचड़ी का वितरण किया गया। वहीं गौशाला में भी सवामनी चढ़ाने वालों की भीड़ देखी गई।

श्रद्धालुओं का मानना है कि मकर सक्रांति के दिन गाय को दाना देना शुभ माना जाता है। इसलिए इस दिन वे विशेष रूप से वे सवामन गेहूं का दलिया दान कर रहे हैं। वहीं चारा इत्यादि भी दिया गया। साथ ही गर्म कपड़े इत्यादि भी दिए गए है। क्योंकि इस समय गर्म कपड़ों की सबसे अधिक आवश्यकता पड़ती है। ये हमारे लिए बहुत ही शुभ दिन है क्योंकि भगवान सूर्य ने मकर राशि में प्रवेश किया है। अब खरमास खत्म हो गया है। 

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