सिलीगुड़ी [जागरण स्पेशल। यदि स्वस्थ अवस्था में ज्यादा दिन जीना चाहते हैं तो आज से ही डायनिंग टेबल के बजाए जमीन पर बैठकर पालती मारकर भोजन करना शुरू कर दें। इससे पीठ और घुटनों के दर्द से राहत तो मिलेगी ही, ब्लड प्रेशर और आपका वजन भी नियंत्रित रहेगा। जमीन पर बैठकर भोजन करने से पाचन तंत्र ठीक रहता है। आप जानते ही हैं कि जब पाचन तंत्र ठीक होगा, तो कई बीमारियां दूर ही रहेंगी। जमीन पर बैठकर खाना खाने के जो फायदों की जानकारी के बाद आप जरूर जमीन पर बैठकर खाना शुरू कर देंगे। आइए जानते हैं। 

लिमिट में करते हैं भोजन
जब आप जमीन पर बैठकर खाना खाते हैं तो आपके पेट और पैरों की मुद्रा कुछ इस प्रकार बनती है कि आपको कम भोजन में ही पेट भरने का एहसास होता है और इससे आप जरूरत से ज्यादा खाने से बच जाते हैं। 
पाचन ठीक होता है
जब आप जमीन पर बैठकर खाना खाते हैं तो आपका पाचन भी काफी हद तक सुधर जाता है।
दिल को मजबूती देता है
जब आप जमीन पर बैठकर खाना खाते हैं तो रक्त प्रवाह सही गति में होता है और इससे दिल, पाचन क्रिया में सहायक सभी अंगों तक आसानी से खून पहुंचा देता है जबकि कुर्सी-मेज पर खाने की स्थिति में ब्लड सर्कुलेशन अपोजिट होता है।
बढ़ती है उम्र
जमीन पर बैठकर खाने से उम्र बढ़ती है क्योकि जमीन पर बैठकर आप जिस मुद्रा में खाते हैं उसे सुखासन कहते हैं और जब आप रोज सुखासन करते हैं तो आपका शरीर लचीला रहता है और आप बिना सहारे के उठ बैठ पाते हैं।
पेट की मांसपेशियां सुचारू रूप से चलती हैं
जब आप ज़मीन पर बैठकर खाते हैं तो खाने को मुंह में लेने के लिए आप आगे की तरफ झुकते हैं, जिससे पेट की मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं।

बॉडी पॉस्चर ठीक रहता है
अगर आप पद्मासन या सुखासन की मुद्रा में जमीन पर बैठकर खाना खाएंगे तो आपका बॉडी पॉस्चर सुधरेगा। शरीर में लचीलापन आएगा और स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा।
रक्तचाप में कमी 
जमीन पर खाना खाते समय हम जिस तरीके से बैठते हैं, उससे रीढ़ की हड्डी के निचले भाग पर जोर पड़ता हैं। और इससे शरीर को आराम मिलता हैं। इससे सांस थोड़ी धीमी हो जाती हैं, मांसपेशियों का खिंचाव कम होता हैं और रक्चाप में भी कमी आती हैं।
पीठ के दर्द से दिलाए छुटकारा
जमीन पर बैठकर भोजन करने के लिए हमें पद्मासन में बैठना होता हैं जिससे हमारे पेट, पीठ के निचले हिस्से और कूल्हे की मांसपेशियों में लगातार खिंचाव पड़ता है। और इसी वजह से दर्द से छुटकारा मिलता है। अगर इन मांसपेशियों में ये खिंचाव लगातार बना रहेगा तो इससे स्वास्थ्य में काफी सुधार देखा जाता है। 
वजन के लिए 
जमीन पर बैठना और उठना एक बेहतर एक्सरसाइज मानी जाती हैं। जमीन पर भोजन के लिए बैठना और फिर खड़े होना आपके शरीर को अर्ध पद्मासन का लाभ देता हैं। ये आसान आपको धीरे धीरे खाने और उसे अच्छे से पचाने में भी मदद करता हैं।
घुटनों के लिए 
नीचे बैठकर खाना खाने से पूरा शरीर स्वस्थ रहता हैं और पाचन क्रिया भी अच्छे से कार्य करती हैं। इसके अलावा जमीन पर बैठने के लिए घुटनों का प्रयोग भी करना पड़ता हैं जिससे घुटनों की भी एक्सरसाइज हो जाती हैं। इससे घुटनों की लचक बनी रहती हैं और थोड़ा बहुत दर्द भी दूर हो जाता हैं।

बिस्तर पर बैठकर कभी न खाएं
बिस्तर पर बैठकर भोजन करने से बिस्तर में जो सूक्ष्म जीव होते है वे हमारे भोजन में आकृष्ट होकर उसमें गिर जाते है. जिससे हमारा स्वास्थ प्रभावित होता है । भोजन कभी भी थाली को हाथ में लेकर या खड़े होकर भी नहीं करना चाहिए, ऐसा करने से पाचन तंत्र ठीक काम नहीं करता और व्यक्ति को गैस, कब्ज या अपच जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जो लोग बिस्तर पर बैठकर भोजन करते हैं, वे सामने टेलीविजन चला देते है तथा भोजन करते जाते हैं, इससे उन्हें भोजन का पूरा लाभ नहीं मिल पाता । भोजन हमेशा शांतचित्त होकर, नीचे जमीन पर बैठकर करना चाहिए। 

Posted By: Rajesh Patel