सिलीगुड़ी, अशोक झा। बारिश के मौसम में कई प्रकार की बीमारी होती है। इसमें स्किन संबंधित बीमारी सबसे ज्यादा लोगों को परेशान करती है। जिस पर सबसे ज्यादा ध्यान देना जरुरी है। क्रीम लगाने में भी सावधानियां  बरतें ।ऐसा नहीं करने पर आपको परेशानी हो सकती है। लोगों के सामने स्वयं को लज्जित महसूस होना पड़ सकता है।

इसका तुरंत उपचार किया जाना चाहिए। उपचार का अर्थ यह नहीं कि आप स्वयं अपने मन से दवा खरीद लें। इसके लिए अच्छे चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। यह कहना है कि शहर के स्किन विशेषज्ञ डॉ प्रवीण भोपाल का। वे स्किन समस्या और इलाज के बारे में दैनिक जागरण से विशेष बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि इस मौसम से लोगों को सबसे ज्यादा एक्जिमा की बीमारी होती है। यह स्किन से जुड़ी बीमारी है। इससे स्किन में पर रैश, खुजली और रेडनेस होने लगती है। कई मामलों में इसमें जलन भी होती है। ऐसे लोग जिनका स्किन सेंसटिव है उन्हें यह इंफेक्शन होने का ज्यादा चांस होता है।

खाज इस मौसम में एक संक्रामक बीमारी के रुप में फैलती है। यह इंफेक्शन त्वचा में घुन के प्रवेश कर जाने के कारण होता है। इसमें संक्रमण लगातार बढ़ता जाता है। खाज होने पर त्वचा पर खुजली होने, छेद सा बन जाने और गांठ पड़ने जैसी समस्याएं होती है।

ऐथलीट्स फुट एक ऐसा फंगस इंफेक्शन होता है जो दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है। ऐसा ज्यादातार पैर के गीले रहने के कारण होता है। जूते में नमी के साथ ही अंधेरा होता है जो फंगस पनपने में मदद करता है। इस मौसम में आप स्किन और नाखून में फंगस संक्रमण और एलर्जी के शिकार हो सकते है। बारिश के पानी में सीवरेज का पानी भी मिल जाता है और इससे लीवर और किडनी को प्रभावित करने वाली लैप्टोस्टिरियोसिस जैसी गंभीर समस्या हो सकती है।

कैसे करें बचाव : अपने कपड़ों और जूतों को साफ रखें। शरीर, कपड़े व जूतों को सूखा रखें। बारिश में भीग जाने पर घर आकर जरूर नहाएं। दूसरों के कपड़े व जूतों का इस्तेमाल करने से बचें। बारिश में ऐंटीबैक्टीरियल साबुन ही इस्तेमाल करें। पाउडर का इस्तेमाल करें ताकि नमी सोखी जा सकें। स्पोट्स शूज पहनते हैं तो उसे जरूर नियमित रूप से धोएं। 

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Posted By: Preeti jha