सिलीगुड़ी, आनलाइन डेस्‍क। उत्‍तर बंगाल के जलपाईगुड़ी जिला के माल बाजार में पांच अक्‍टूबर को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान भयानक हादसा के बाद प्रशासनिक व्‍यवस्‍था और सुरक्षा व्‍यवस्‍था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। घटनास्‍थल पर मौजूद लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष था। प्रत्‍यक्षदर्शियों का कहना है कि माल नदी पहाड़ी नदी है। इसमें हरपा बाढ़ (Flash Flood) आते रहते हैंं। बावजूद प्रशासन ने सैंकड़ों लोगों को एक साथ मूूूर्ति विसर्जन के लिए जाने दिया। इस बीच प्रशासन की ओर से मृतकों के आश्रितों को प्रति दो लाख रुपये और घायलोंं को 50 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है।     

मूर्ति विसर्जन के दौरान मात्र कुछ इंच पानी 

अन्‍य प्रत्‍यक्षदर्शी का कहना था कि  विर्सजन के दौरान नदी के किनारे मात्र कुछ इंच पानी था। रात में पहाड़ पर बारिश हो रही थी, हालांकि माल बाजार में बारिश नहीं हो रही थी। माल नदी में ज्‍यों ही पानी बढ़ने लगा तभी प्रशासन की ओर से लोगों को अलर्ट करते हुए अनांउसमेंट शुरू किया गया। मगर अनाउंसमेंट के एक से दो मिनट के अंदर ही अचानक तेजी से कई फुट पानी नदी में आ गया, लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। बताया जा रहा है कि हादसा में सैकड़ों लोग बह गए। अब तक आठ लोगों  के मौत की सूचना है। 13 घायलों का इलाज माला बाजार के अस्‍पताल में ही चल रहा है।     

माल नदी हादसा में बड़ा खुलासा 

माल नदी हादसा में बड़ा खुलासा यह हुआ है कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान घाट पर हजारों लोग मौजूद थे, जबकि सिर्फ आठ सुरक्षाकर्मी तैनात थे। एनडीआरएफ बचाव दल के सदस्‍य ने बताया कि फ्लैश फ्लड आने के बाद रेस्‍क्‍यू आपरेशन चलाने में देरी हुई क्‍योंकि आपरेशन चलाने के लिए सुरक्षाकर्मियों के पास रस्‍सी के अलावा कोई साधन मौजूद नहीं था। सबसे जरूरी सामान सर्चलाइट भी नहीं था।  हादसा के बाद स्‍थानीय लोग भी मदद को आगे आए । हालांकि पास के आफिस से सर्चलाइट मंगाई गई, इससे रेस्‍क्‍यू आपरेशन चलाने में थोड़ी देर हुई। 

जानकारी के अनुसार अब तक 70 लोगों को पानी में से बचाया गया है, जबकि 50 लोग अभी भी लापता हैं। 

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Edited By: Sumita Jaiswal

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