-अपने परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट विद्यार्थी एक अगस्त से पहले अपने स्कूलों में लिखित आवेदन कर सकते हैं, स्कूलों की संस्तुति पर काउंसिल विचार करेगा जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी : काउंसिल ऑफ इंडियन स्कूल सíटफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) की ओर से आईसीएसई (10वीं) व आईएससी (12वीं) के 2021 के परिणाम शनिवार को घोषित कर दिए गए। इसमें सिलीगुड़ी व आसपास के स्कूलों के विद्याíथयों का भी प्रदर्शन बेहतर रहा। ज्यादातर स्कूलों के परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहे। कुछेक स्कूलों में कुछेक विद्यार्थी ही सफल नहीं हो पाए। यहा आईसीएसई व आईएससी दोनों में ही सर्वश्रेष्ठ विद्याíथयों का सर्वश्रेष्ठ प्राप्ताक 97.75 प्रतिशत रहा। दर्जन भर से अधिक विद्याíथयों ने ऐसा उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किया। ज्ञातव्य रहे कि कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष परीक्षा आयोजित नहीं की जा सकी। काउंसिल ने बिना परीक्षा के ही विद्याíथयों की पूर्व कक्षाओं के प्रदर्शन के आधार पर परिणाम तैयार कर प्रकाशित किया। इस बार 10वीं में 99.98 प्रतिशत और 12वीं में 99.76 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं।

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 2020 की भाति इस वर्ष 2021 में भी काउंसिल ऑफ इंडियन स्कूल सíटफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) ने आईसीएसई (10वीं) व आईएससी (12वीं) में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्याíथयों के नाम वाली कोई आधिकारिक मेरिट सूची जारी नहीं की है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार 31 जुलाई के पहले ही काउंसिल ने 10वीं व 12वीं के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस दिन विद्याíथयों को मिली ऑनलाईन मार्कशीट मूल दस्तावेज नहीं है। यह केवल एक ई-मार्कशीट है, जिसका उपयोग केवल संदर्भ उद्देश्य के लिए किया जा सकता है। वहीं, अन्य महत्वपूर्ण परिणाम संबंधित दस्तावेज जैसे उत्तीर्णता प्रमाण पत्र, प्रवास प्रमाण पत्र स्कूलों द्वारा जारी किया जाएगा।

इस परीक्षा परिणाम को लेकर यदि किसी विद्यार्थी को अपने प्राप्ताकों से संबंधित कोई आपत्ति है, तो वे इस मुद्दे को विस्तार से बताते हुए अपने संबंधित स्कूलों में लिखित शिकायत कर सकते हैं। इस बाबत स्कूलों की ओर से विस्तृत विचार कर आपत्ति को काउंसिल के समक्ष अग्रसारित किया जाएगा। ऐसे सभी अनुरोध एक अगस्त तक काउंसिल को भेजे जाने चाहिएं। आईसीएसई व आईएससी के छात्र-छात्राएं इस साल री-चेकिंग के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। इस साल री-चेकिंग की अनुमति नहीं है। क्योंकि, कोरोना महामारी के चलते परीक्षाएं रद्द कर दी गई थीं। अब जो विद्यार्थी शारीरिक रूप से बोर्ड परीक्षा देने के इच्छुक हैं, वे एक सितंबर से शुरू होने वाली इंप्रवूमेंट परीक्षा दे सकते हैं। हालाकि यह स्थिति पर निर्भर करेगा।

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