दार्जिलिंग में संदकफू की चढ़ाई से पहले सेहत की होगी जांच, फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना आगे नहीं जा सकेंगे पर्यटक
जीटीए ने दार्जिलिंग के संदकफू और फालुत जाने वाले पर्यटकों के लिए स्वास्थ्य जांच और फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया है।

दार्जिलिंग में संदकफू की चढ़ाई से पहले सेहत की होगी जांच।
HighLights
संदकफू-फालुत यात्रा के लिए स्वास्थ्य जांच, फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य।
दो पर्यटकों की मौत के बाद जीटीए ने उठाया कदम।
अस्वस्थ पर्यटकों को ऊंचे क्षेत्रों में जाने की अनुमति नहीं।
जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी। दार्जिलिंग पहाड़ की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के दौरान पर्यटकों की जान खतरे न आए, इसके लिए गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) ने सख्त कदम उठाया है।
बंगाल की सबसे ऊंची चोटी संदकफू और उससे सटे फालुत क्षेत्र की यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए अब स्वास्थ्य जांच और फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया गया है। पिछले एक महीने से भी कम समय में इस इलाके में दो पर्यटकों की मौत के बाद जीटीए के पर्यटन विभाग ने कई कदम उठाए हैं।
बताया गया है कि संदकफू और फालुत जाने वाले ट्रेकर्स के साथ लैंडरोवर से यात्रा करने वाले पर्यटकों को भी रवाना होने से पहले स्वास्थ्य संबंधी फिटनेस सर्टिफिकेट दिखाना होगा।
जिन पर्यटकों के पास यह प्रमाणपत्र नहीं होगा, उन्हें मानेभंजन उप-स्वास्थ्य केंद्र में अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य जांच करानी होगी। जांच में फिट नहीं पाए जाने वाले पर्यटकों को अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जीटीए ने ट्रेकिंग एजेंसियों, टूर आपरेटरों, गाइडों, पोर्टरों और सिंगालीला लैंडरोवर एसोसिएशन को पर्यटकों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया है। यात्रा के दौरान किसी पर्यटक को तेज सिरदर्द, उल्टी, चक्कर, सांस लेने में परेशानी, भ्रम या चलने में कठिनाई जैसी शिकायत होती है तो उसकी आगे की चढ़ाई तत्काल रोकनी होगी।
इसके बाद उसे जल्द से जल्द नीचे लाकर आपात चिकित्सा उपलब्ध कराने की व्यवस्था करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर पर्यटन एजेंसियों पर कार्रवाई की जाएगी। मानेभंजन से संदकफू तक करीब 32 किलोमीटर के दुर्गम रास्ते पर चलने वाले लैंडरोवर चालकों और गाइडों के पास प्राथमिक उपचार किट तथा आपातकालीन संपर्क नंबर रखना अनिवार्य किया गया है।
जीटीए के इस फैसले का पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों ने स्वागत किया है। हालांकि, उन्होंने स्थायी चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने की मांग भी उठाई है।
सिंगालीला लैंडरोवर ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव चंदन प्रधान ने कहा कि संदकफू अथवा टोंगलू और टुंग्लिंग के बीच स्थायी स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया गया है। वर्तमान में मानेभंजन से प्रतिदिन करीब 35 वाहन पर्यटकों को लेकर इस क्षेत्र में आते-जाते हैं।
दो मौतों के बाद बढ़ाई गई सतर्कता
गौरतलब है कि गत 30 सितंबर को कूचबिहार जिले के तूफानगंज निवासी 27 वर्षीय प्रियोतोष अधिकारी की संदकफू के पास ट्रेकिंग के दौरान सांस लेने में परेशानी के कारण मौत हो गई थी।
इसके बाद 20 अक्टूबर को बारासात निवासी 48 वर्षीय बुबाई पाल ने टुंग्लिंग में सांस संबंधी परेशानी के चलते दम तोड़ दिया। लगातार हुई इन दो घटनाओं के बाद प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का निर्णय लिया है।
