कोलकाता, [राज्य ब्यूरो] । गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (गोजमुमो) के नेता विमल गुरूंग ने दार्जिलिंग की समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ बातचीत करने की इच्छा जतायी और कहा है कि गोरखा समुदाय व पहाड़वासियों के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।

गुरुंग ने गुरुवार को कहा कि वह पहाड़वासियों के हित में लड़ाई कर रहे हैं। लेकिन इसके लिए उनको मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जिस तरह अलगाववादी बताया है वह ठीक नहीं है। गोजमुमो की की मांगें भारतीय संविधान के दायरे में है और वह भी राष्ट्रीय एकता व अखंडता में विश्वास करते हैं।

गुरुंग ने कहा कि राज्य पुलिस ने उन्हें और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को झूठे आपराधिक मामलों में फंसाया है। इसकी संपूर्ण व निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

ममता बनर्जी के साथ बातचीत करने के संबंध में पूछे गए सवाल का उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया और कहा कि वार्ता के लिए तैयार है। बातचीत से ही समस्या का समाधान निकल सकता है। उन्होंने कहा कि गोजमुमो का आंदोलन गोरखा अस्तित्व के लिए है। बंगाल के लोगों के प्रति उन्हें कोई द्वेष नहीं है लेकिन गोरखाओं की संस्कृति और भाषा उनसे अलग है और वह जो भी मांग कर रहे हैं वह संविधान के दायरे में है।

उल्लेखनीय है कि विमल गुरुंगे अलग गोरखालैंड की मांग पर पहाड़ में आंदोलन करते रहे हैं। आंदोलन के दौरान पहाड़ में हिंसक घटनाओं के लिए पुलिस ने उनके विरुद्ध यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया है। गुरुंग ने झूठा मामला में फंसाने के लिए मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया था। लेकिन लंबे समय के बाद उन्होंने बातचीत से समस्या का समाधान निकालने की बात कही है। 

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