-बिहार और झारखंड का गिरोह भी उत्तर बंगाल में सक्रिय

-1000 रुपये किलो खरीद कर पांच हजार रुपये किलो बिक्री जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी: भारत बाग्लादेश सीमात सिलीगुड़ी महकमा के फासीदेवा थाना के घोषपुकुर आउटपोस्ट की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर 583.500 किलोग्राम मणिपुरी गाजा जब्त किया है। इसे 10 चक्का के ट्रक डब्लूबी 23 बी 8897 में छुपाकर ले जाया जा रहा था। तस्करी के आरोप में पकड़े गए चालक सनत मंडल 40 और 21 वर्षीय सुब्रत राय को शुक्रवार को कोर्ट से दो दिनों के रिमाड पर लेकर थाना प्रभारी अभिजीत गहन पूछताछ कर रहे हैं। इनसे पूछताछ के बाद कई तथ्यों का खुलासा हुआ है। पता चला है कि सनत मंडल मुर्शिदाबाद के जलंगी का निवासी है। सुब्रत राय नदिया के तेलहट्ट स्थित नतुन पाड़ा का निवासी है। दोनों ने स्वीकार किया कि गाजा को कूचबिहार से बरहमपुर ले जाना था। वहा से विभिन्न तरीकों से बिहार और झारखंड तस्करी की जाती। कूचबिहार में मणिपुरी गाजा 1000 रुपये किलोग्राम के दर पर खरीदकर कम से कम 5000 रुपये किलोग्राम बेचा जाता है। 500 फीसद कमाई के कारण, उत्तर बंगाल, दक्षिण बंगाल , बिहार व झारखंड का एक बड़ा गिरोह इस धंधा से जुड़ा हुआ है।

कैसे हुई आरोपियों की गिरफ्तारी

दाíजलिंग ग्रामीण डीएसपी अचिंत गुप्ता बताया कि घोषपुकुर थाना प्रभारी अभिजीत विश्वास के पास सूचना मिली कि 10 चक्का ट्रक में लाखों रुपये का गाजा तस्करी कर बहरमपुर ले जाया जा रहा है। घोषपुकुर में सूचना के आधार पर नाका लगाकर ट्रक का इंतजार किया जाने लगा। पुलिस को जो ट्रक नंबर मिले थे,उसके आते ही रोकने की कोशिश की गई। हांलाकि ट्रक चालक ट्रक को रोकने के बदले तेज गति से लेकर भागा। मदाति टोल प्लाजा के निकट लगे बैरियर को भी तोड़ आगे बढ़ा। इस क्रम में सड़क पर लगाये गए लोहे के ड्रम में ट्रक के चक्का फंस गया। उसके बाद चालक नीचे कूदकर भागने की कोशिश करने लगा। वह सड़क पर गिर पड़ा। जिससे उसके माथे में भी चोट लगी है। चेकपोस्ट पर मौजूद सहायक मजिस्ट्रेट के सामने ही दोनों को पकड़कर ट्रक की जाच की गयी। ट्रक के त्रिपाल के नीचे पैकेट में छुपाकर रखे 11 बड़े बंडल में 583.500 किलोग्राम गाजा बरामद किया गया। अगर ट्रक में लोहे का ड्रम नही फंस जाता तो ट्रक गाजा समेत भागने में सफल होता।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस