जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी :

बदलते मौसम और कोरोना महामारी के दौरान अगर इन फलों का सेवन करें तो सेहत के साथ परिवार पूरी तरह सुरक्षित रह सकता है। यह कहना है आयुर्वेद के जानकार राजधवल सिंह का। उन्होंने कहा कि हम सभी बचपन सुनते आ रहे है कि कड़वी चीजें बहुत फायदेमंद होती हैं। जैसे, नीम और करेले नेचुरल डिटॉक्सर माने जाते हैं। इसी तरह खट्टी चीजें भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है। ऐसे में आपको खट्टे फलों के फायदे जानकर इन्हें अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। खट्टे फल उन्हें कहा जाता है, जिनके अंदर अम्लीय तत्व प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इनमें संतरे, ग्रेपफ्रूट, मौसमी, नीबू, नारंगी, संतरे आदि शामिल हैं। आमतौर पर इन फलों को विटामिन सी का सबसे अच्छा स्त्रोत माना जाता है। इन फलों में कुछ आवश्यक पोषक तत्व जैसे शर्करा, फाइबर, पोटैशियम, फोलेट, कैल्शियम, थायामिन, नियासिन, विटामिन बी 6 और विभिन्न प्रकार के फाइटो-ेकेमिकल्स मौजूद होते हैं।

नींबू

यह जीवाणुरोधी, एंटीवायरल और प्रतिरक्षा बूस्टिंग गुणों से भरा होता है। नीबू का इस्तेमाल वजन घटाने के लिए काफी उपयोगी माना जाता है। नींबू में साइट्रिक एसिड, विटामिन सी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, बायोप्लोनाइड, पेक्टिन और लिमोनेन होते हैं, जो इम्युनिटी मजबूती देते हैं।

अंगूर

इसे थोड़े कड़वे और खट्टे स्वाद के लिए जाना जाता है। यह कैंसर की रोकथाम में भी मदद करता है, प्रतिरक्षा के स्तर को बढ़ाता है और पाचन में सहायता करता है।

संतरा यानि नारंगी

विटामिन सी, पोटैशियम और बीटा कैरोटीन से भरपूर संतरा कई स्वास्थ्य लाभों का एक आदर्श स्त्रोत है। इसके इस्तेमाल से हृदय की सेहत ठीक रहती है और गुर्दे की बीमारी दूर रहती है।

सावधानिया भी जरुरी

खट्टे फल में साइट्रिक एसिड पाया जाता है। हालाकि, यह आम तौर पर सुरक्षित होता है, लेकिन एसिड का अधिक इस्तेमाल करने पर पेट में ऐंठन, दस्त, मितली और उल्टी जैसे कुछ दुष्प्रभाव का सामना भी करना पड़ सकता है।