सिलीगुड़ी, जागरण संवाददाता। कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ मौत के भी मामले बढ़ने लगे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मंगलवार का दिन कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों के लिए काफी अमंगल कारी साबित हुआ।

उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के आधिकारिक सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को मेडिकल अस्पताल के कोविड-19 ब्लॉक में कोरोनावायरस संक्रमित पांच मरीजों की मौत हो गई। उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में पिछले पांच दिनों के अंदर 12 मरीजों की मौत हो चुकी है। इस तरह से पिछले 25 दिनों में उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल अंतर्गत कोविड-19 ब्लॉक में कुल 17 मरीजों की मौत हो चुकी है।

वहीं इस महीने जनवरी में पिछले 24 दिनों के अंदर ही कोरोना वायरस के  छह हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इस तरह से देखा जाए, तो गत महीने की अपेक्षा 10 गुना से ज्यादा मामले सामने आए हैं। हालांकि इस दौरान तीन हजार से ज्यादा मरीजों ने कोरोना से जंग जीतने में कामयाब हुए हैं।

इधर जनवरी महीने में छह हजार से ज्यादा मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। चिकित्सकों को कहना है कि यदि लोग कोरोना के प्रति लापरवाह होंगे, तो इसके गंभीर परिणाम आने वाले दिनों में देखने को मिल सकते हैं। लोगों को घर से बाहर निकलते समय मास्क लगाना नहीं भूलना चाहिए।

  कोरोनावायरस की दूसरी लहर बात करें तो गत वर्ष मई महीने में कोरोना वायरस के संक्रमण व मौत के मामलों ने सारा रिकार्ड तोड़ दिया था। मई महीने में सिलीगुड़ी व आसपास के क्षेत्रों में कोरोना वायरस के लगभग 15 हजार मामले सामने आए थे। जबकि 338 मरीजों की मौत कोरोना के संक्रमण से हुई थी।

वहीं कोरोना के बढ़ते मामलों के बारे में एनबीएमसीएच के अधीक्षक व जाने माने वायरोलॉजिस्ट डॉ संजय मल्लिक का कहना है कि कोरोना के बढ़ते मामले और नए ओमिक्रोन वैरियंट हो इसे घबराने से अच्छा कोविड-19 प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करना चाहिए।

Edited By: Sumita Jaiswal