मालदा, संवाद सूत्र। भारत-बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल के साथ मुठभेड़ में दो बांग्लादेशी पशु तस्कर मारे गए। मृतकों की पहचान बांग्लादेश के चांपईनवाबगंज के जिला दुर्लभपुर केरयेल रहमान और सद्दाम हुसैन के रूप में हुई है। तस्कर गायों को गंगा नदी के रास्ते बांग्लादेश ले जा रहे थे। इस दौरान बीएसएफ जवानों की नजर उन पर पड़ी। जवानों के ललकारने पर तस्करों ने दोनों देशों की जवानों पर पथराव शुरू कर दिया। जवाबी कार्रवाई में दो पशु तस्कर मौके पर ही ढेर हो गए जबकि अन्य भागने में सफल रहे।

बरसात में बांग्लादेश सीमा पर मालदा - मुर्शिदाबाद के बीच गंगा नदी के रास्ते पशु तस्करी बढ़ जाती है। घटना के बाद दोनों देशों ने सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी है।

दैनिक जागरण के ‘मवेशी तस्कर’ स्तंभ के कारण बारिश में भी सीमा पर जवानों की मुस्तैदी दिखी। इसके बाद पशु तस्करों की परेशानी बढ़ गई है।

मुर्शिदाबार जिले के चांदनी चौक इलाके में जवानों ने तस्करों को रुकने को कहा तो तस्कर जवानों को निशाना बनाकर ईट-पत्थर बरसाने लगे। इस मुठभेड़ में दो तस्कर ढेर हो गए, बाकी बांग्लादेश भाग गए।

बांग्लादेश के चांपाईनवाबगंज के 53 नंबर बीजीवी के डिप्टी कमांडेंट एकलासुर रहमान ने भी घटना की पुष्टि की। मालदा के वैष्णवनगर का शिवपुर घाट का पारदेवनापुर, शोभापुर व दक्षिण मुर्शिदाबाद जिले का धूलिया घाट तस्करी का कोरिडोर माना जाता है। बकरीद को लेकर भी गायों की तस्करी बढ़ गई है।

वैष्णवपुर के दौलतपुर के जयनाल शेख ने बताया कि मुर्शिदाबाद के गाय तस्करों के साथ मिलकर बांग्लादेश में गायों की तस्करी की जाती है। बीएसएफ की नाक के नीचे यह हो रहा है, लेकिन प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है। बांग्लादेशी तस्कर नदी मार्ग से भारत में प्रवेश करते है।

स्थानीय लोगों को विरोध करने पर धमकी मिलती है। इस संबंध में पुलिस व बीएसएफ ने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। मालदा जिला परिषद के सभाधिपति गौरव मंडल ने कहा कि ग्रामीणों की ओर से शिकायत नहीं मिली है। ऐसी शिकायत मिलती है, तो थाने में दर्ज कराएंगे। लोगों को असुविधा हो तो हमसे सीधे संपर्क कर सकते हैं। हम प्रशासन के साथ मिलकर व्यवस्था करेंगे। 

Posted By: Preeti jha

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