संवाद सूत्र, गंगारामपुर। संपत्ति के लिए भाई ने अपनी दो सगी बहनों व मासूम भांजी को मौत के घाट उतार दिया। यह घटना शनिवार शाम सात बजे दक्षिण दिनाजपुर जिला के गंगारामपुर थाना के अंतर्गत हमजापुर इलाके में घटित हुई। ट्रिपल मर्डर को लेकर इलाके में दहशत का माहौल है।

भाई ने बहनों व भांजी को कुदाल से हत्या करके जमीन में गाड़ने का प्रयास किया। अपने जीजा पर भी आरोपित भाई ने जानलेवा हमला किया। उसकी हालत गंभीर है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पैतृक जमीन को लेकर भाई-बहन के बीच लंबे समय से झगड़ा हो रहा था। आरोपित भाई आबू ताहेर मियां जमीन अपने नाम करवाना चाहते थे। इसके लिए बहनों पर दबाव बना रहे थे। जीजा इदरिश को गंगारामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उल्लेखनीय है कि आबू ताहेर मियां अपनी तीनों बहन रोजीना बीवी, मेनका बीवी व टाका खातून के साथ घर के बरामदे में बैठकर बात कर रहा था। इसी बीच रेजीना बीबी बाहर चली गयी। आबु ताहेर ने घर मे धारदार कुदाल से अपनी बहन मेनका खातून, टाका खातून व भाजी प्रियंका को व धारदार कुदाल से मौत के घाट उतार दिया। शव को मिट्टी खोदकर गाड़ना चाहता था, तभी रेजिना बाहर से आ गयी और शोर मचाने लगी। पड़ोसियों ने आकर आबू को जमकर धुनाई की और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस रविवार को तीनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज देगी।

गौरतलब है कि इससे पहले पश्चिम मेदिनीपुर जिलांतर्गत दांतन के संतोषपुर में शुक्रवार को भाजपा कार्यकर्ता का शव पेड़ से लटकता पाया गया था। मृतक का नाम बरसा हांसदा है। भाजपा का दावा है कि बरसा आदिवासी समुदाय से उनका सक्रिय कार्यकर्ता था जिसकी बेरहमी से हत्या कर शव पेड़ पर लटका दिया गया। भाजपा का आरोप है कि तृणमूल के गुंडों ने उनके इस कार्यकर्ता की हत्या की है।

इस घटना पर प्रदेश भाजपा ने ट्वीट कर सवाल उठाते हुए कहा है, तृणमूल कांग्रेस शासित इस राज्य में इस तरह क्रूर राजनीतिक हत्याओं पर उदारवादी अब तक चुप क्यों हैं? यदि यह भाजपा शासित राज्य होता तो क्या वे इतने चुप होते? भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश भाजपा के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने आरोप लगाया है कि तृणमूल के गुंडों का यह काम है। डर पैदा करने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

मुकुल राय ने कहा, आतंक फैलाना तृणमूल का हमेशा से राजनीतिक मंत्र रहा है, जो कि बेहद शर्म की बात है। ममता बनर्जी के शासनकाल में बंगाल में लोकतंत्र नहीं है। लोकतंत्र के लिए भाजपा लगातार आंदोलन कर रही है। बताया गया है कि अगस्त में 19 वर्षीय भाजपा कार्यकर्ता का शव पश्चिम मिदनापुर जिले के पिंगला में पेड़ से लटका पाया गया था। मृतक के परिवार वालों ने हत्या के लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया था। पिंटू मन्ना (19) के रूप में पहचाने जाने वाला यह भाजपा कार्यकर्ता पिंगला के नारंगडीह का निवासी था। सितंबर में, बीरभूम जिले के नानूर थानान्तर्ग तहत रामकृष्णपुर गांव में हमलावरों द्वारा एक सक्रिय भाजपा कार्यकर्ता स्वरूप गोराई को गोली मार दी गई थी। तब भी भाजपा ने हमले के लिए तृणमूल को दोषी ठहराया था। गंभीर रूप से घायल गोराई की दो दिन एक अस्पताल में मौत हो गई।

अगस्त में बीरभूम जिले में उपद्रवियों द्वारा बम फेंकने के बाद 50 वर्षीय भाजपा कार्यकर्ता की मृत्यु हो गई थी। मृतक दलू शेख भाजपा का सक्रिय कार्यकर्ता बताया गया था। स्थानीय वाशिंदों का आरोप था शेख की हत्या करने वाले बदमाश तृणमूल के थे। इस मुद्दे पर भाजपा के महासचिव सायंतन बसु ने कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को समय-समय पर तृणमूल कैडर द्वारा साजिश के तहत निशाना बनाया गया है।

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