-मंत्री गौतम देव ने शुरू की मॉनिटरिग, घर में बनाया वॉर रूम

-कोरोना संबंधित सहायता के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर कुछ खास बातें

-9647496475 व 8240593145 नंबर पर संपर्क कर पा सकते हैं मदद

-हाथीघीसा में सेफ होम शुरू, अन्य जगहों पर भी हो रहा विचार

-सिलीगुड़ी के इंडोर स्टेडियम को भी बनाया जाएगा सेफ होम

-कोविड-19 मरीजों के लिए एनबीएमसीएच में फिलहाल बेड की कोई कमी नहीं

-वर्तमान में एनबीएमसीएच के कोविड-19 ब्लॉक में 47 रोगी चिकित्साधीन

-वहां जेनरल वार्ड में 110 और आईसीयू में 14, कुल 124 बेड की है व्यवस्था

-केंद्र सरकार ने विदेशों को निर्यात की 6.5 लाख करोड़ लाख वैक्सीन

-अपने देश के 130-35 करोड़ लोगों के लिए मात्र तीन करोड़ वैक्सीन रखी

-आम लोगों से की कोरोना सुरक्षा उपायों को अपनाने की अपील जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी : देश व राज्य भर की भांति सिलीगुड़ी व आसपास के इलाकों में भी कोरोना वायरस संक्रमण (कोविड-19) के बढ़ते मामलों के मद्देनजर पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री गौतम देव ने यहां अब खुद मॉनिटरिग शुरू कर दी है। इसके लिए उन्होंने अपने घर में ही एक वॉर रूम बनाया है। वहीं, कोरोना संबंधित सहायता हेतु आम जरूरतमंदों के लिए हेल्पलाईन नंबर 9647496475 व 8240593145 जारी किया है। इस पर संपर्क साध कर जरूरतमंद लोग आवश्यक मदद प्राप्त कर सकते हैं।

इसे लेकर मंत्री गौतम देव ने सोमवार को यहां दार्जिलिंग जिला तृणमूल कांग्रेस कार्यालय विधान भवन में संवाददाता सम्मेलन किया। उन्होंने कहा कि गत वर्ष कोरोना महामारी को लेकर शुरू से अंत तक उन लोगों ने कोरोना योद्धा के रूप में कार्य किया था। लॉकडाउन के मद्देनजर घर-घर लोगों को राशन, पानी, दवा आदि सहायता मुहैया कराने का काम किया था। राज्य सरकार ने नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एनबीएमसीएच) के अलावा यहां डॉ. चैंग सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल व डी-सन सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल को भी अपने अधीन लेकर लोगों को नि:शुल्क चिकित्सा सेवा दी थी। पर, इस वर्ष वर्तमान कोरोना महामारी के समय अभी फिलहाल वह संभव नहीं हो पा रहा है, क्योंकि विधानसभा चुनाव के चलते आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू है। ऐसे में राज्य सरकार की शक्ति सीमित हो गई है। वह नीति संबंधि फैसले और व्यवस्था नहीं कर सकती है। अभी सर्वाधिकार चुनाव आयोग के हाथों में है। वहीं, राज्य के संवैधानिक प्रमुख राज्यपाल हैं। सो, अब वे लोग क्या करते हैं, देखा जाए। मगर, हम अपने लोगों को मरता नहीं छोड़ सकते हैं। इसके लिए सीमित शक्ति में ही जो-जो किया जा सकता है वह करने को हम तैयार हैं।

उन्होंने बताया कि, मैंने दार्जिलिंग व जलपाईगुड़ी जिला के डीएम एवं सीएमओएच से बातचीत की है। पूरी वस्तुस्थिति की जानकारी ली है। यहां सेफ होम खोलने का सरकारी निर्देश आ चुका है। दार्जिलिंग जिला के नक्सलबाड़ी प्रखंड में हाथीघीसा स्थित सेफ होम खोल दिया गया है। लेमुटारी व खोरीबाड़ी के बताशी में भी तुरंत सेफ होम खोलने की प्रक्रिया की जा रही है। त्रिवेणी में भी सेफ होम खोला जाएगा। सिलीगुड़ी के इंडोर स्टेडियम में भी सेफ होम खोले जाने की बात हो रही है। जलपाईगुड़ी के विश्वबांग्ला क्रीड़ांगन में भी चिकित्सा व्यवस्था शुरू कर दी गई है। मैंने नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एनबीएमसीएच) के जिम्मेदारों से भी बात की है। वहां बेड की फिलहाल कोई कमी नहीं है। वर्तमान में वहां कोविड-19 ब्लॉक में 47 रोगी चिकित्साधीन हैं। जबकि, वहां जेनरल वार्ड में 110 और आईसीयू में 14, कुल 124 बेड की व्यवस्था है।

गौतम देव ने रोष जताते हुए कहा कि देश के लगभग सभी राज्य वैक्सीन, दवाएं और ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे हैं। इसे लेकर हमारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है कि वे तुरंत वैक्सीन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करवाएं। क्योंकि, उसका नियंत्रण केंद्र सरकार के हाथों में ही है। यदि उसके लिए रुपये चाहिए तो राज्य सरकार रुपये देकर भी खरीदने को तैयार है। पर, कोई सुनवाई नहीं हो रही है। प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार पर बोला हमला

गौत देव ने कहा कि प्रधानमंत्री व पूरी की पूरी केंद्र सरकार चुनाव प्रचार में ही व्यस्त है। देश भर में हाहाकार मचा हुआ है। मगर, उन्हें चुनाव की पड़ी है। अभी तक, गत तीन महीनों में देश के कुल 7.9 प्रतिशत लोगों को ही वैक्सीन दी जा सकी है। यह सब प्रधानमंत्री व केंद्र सरकार की अदूरदर्शिता का ही परिणाम है। उन्होंने विदेशों को 6.5 लाख करोड़ लाख वैक्सीन निर्यात की पर अपने देश के लिए मात्र तीन करोड़ वैक्सीन ही रखी। 130-35 करोड़ की आबादी में मात्र मात्र तीन करोड़ वैक्सीन से क्या होगा। उसी का घातक परिणाम है कि आज देश फिर कोरोना महामारी के दूसरी लहर झेलने को मजबूर है। इससे बचाव हेतु उन्होंने आम लोगों से भी अति आवश्यक कार्यो के बिना घर से बाहर न निकलने, सार्वजनिक जगहों पर हर हाल में मास्क का उपयोग करने, एक-दूसरे के बीच कम से कम छह फीट की सुरक्षित शारीरिक दूरी अपनाने, हैंड सैनिटाइजेशन व हैंड हाईजीन यानी रह-रह कर साबुन से अच्छी तरह हाथ धोते रहने, खुद भी बचने व औरों को भी बचाने की अपील की है।

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