बोले सीएम: शारीरिक रूप से कमजोर बन सकते है लेकिन मानसिक रूप से सभी बराबर

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संसू.गंगटोक: अंतरराष्ट्रीय दिव्याग दिवस के अवसर पर सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामाग (पीएस गोले) ने दिव्यागों के लिए विभिन्न सुविधाओं की घोषणाएं की है। दक्षिण सिक्किम के टोकल बर्मेक अंतर्गत रेसप में निर्मित बहुउद्देशीय दिव्याग पुनर्वास केंद्र 'दिव्य निर्माण केंद्र' के उद्घाटन कार्यक्त्रम में मुख्यमंत्री गोले मुख्य अतिथि थे। सिक्किम सरकार के सामाजिक कल्याण और सिक्किम दिव्याग सहायता समिति के संयुक्त पहल में आयोजित इस कार्यक्त्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री गोले ने कहा कि कार्यक्त्रम आयोजन करने का उद्देश्य दिव्यागों को सहयोग और प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि लोग शारीरिक रूप से कमजोर बन सकते है लेकिन मानसिक रूप से सभी बराबर है। दिव्यागों को सोचना चाहिए की हम दिव्यागी नहीं बल्कि समाज के एक अंग है। अपनी कमजोरी को केंद्र नहीं बल्कि इसको हथियार के रूप में प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार दिव्यागों को भी समावेशी शिक्षा के साथ आम लोगों की तरह एक ही स्कूल में पढ़ने का प्रावधान कर रहा है।

मुख्यमंत्री गोले ने दिव्याग बच्चों के साथ अंतर्क्रिया भी की। इस अवसर पर बच्चों ने विभिन्न माग रखे है। उनकी मागों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री गोले ने कहा कि जिस घर के माता-पिता दिव्याग है उनके शिक्षित बच्चों को उनकी शिक्षा के मुताबिक सरकारी नौकरी प्रदान किया जाएगा। राज्य सरकार ने दिव्यागों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जिसका फायदा लेना चाहिए। उन्होंने अस्थायी दिव्याग सरकारी कर्मचारियों को पाच साल में स्थायी करने के लिए कानून बनाने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री गोले ने बताया है कि गैर सिक्किमी दिव्यागों और आम लोगों के लिए राज्य में स्वास्थ्य सुविधा नि:शुल्क है। राज्य में गैर सिक्किमी नागरिकों को सरकारी नौकरी और विभागीय सुविधा नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि किसी भी दिव्यागों को अगर नौकरी की आवश्यकता पड़े तो उसे किसी भी निजी कंपनी में सरकार रिकमेंट कर सकती है। उन्होंने बताया कि सामाजिक कल्याण विभाग की तरफ से सिक्किमी दिव्याग नागरिकों को भत्ता (पेंशन) दिया जाता है। लेकिन जिन दिव्यागों के पास सीओआई नहीं है उन्हें आगामी साल से मुख्यमंत्री कोष से पेंशन प्रदान किया जाएगा। इसके लिए वोटर कार्ड और आर सी आवश्यक है कहा। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी है कि विधवाओं को 21 साल की उम्र से ही विधवा भत्ता दिया जाएगा, इससे पहले 40 साल से ऊपर के लिए ही दिया जाता था।

कार्यक्त्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री गोले ने दिव्यागी दंपती (जिसने दिव्यागी से विवाह किया है) में से दो युगल को दो लाख रुपये की वान टाइम ग्राड प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री गोले ने जानकारी दी है कि ऐसे युगल राज्य में और चालिस है जिन्हें ये प्रदान किया जाएगा। उन्होंने राज्य के सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल और कॉलेज में दिव्यागजन मैत्री भवन निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री गोले ने कोविड एसओपी को नियमित फलो करने की अपील की।

अपने संबोधन में स्वास्थ्य विभाग तथा सामाजिक कल्याण विभाग के मंत्री डॉ. एमके शर्मा ने कहा कि आज का दिन दिव्यागों की क्षमता देखकर उनको सम्मान करने का दिन है। उनको समाज में मान-सम्मान और इज्जत देने के लिए लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए। उनको मानव समाज में खड़े होने के लिए दक्ष बनाना चाहिए। इसके साथ ही ओमीक्त्रोन वायरस को लेकर मंत्री ने कहा कि कोरोना अब तक नहीं गया है। इससे लड़ने के लिए कोविड एसओपी नियमित पालन करना चाहिए। इससे डरने का नहीं चिंतनशील होने की आवश्यक है।

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विशेष घोषणाएं..

मुख्यमंत्री गोले ने आज घोषणा की है कि इस दिव्य निर्माण केंद्र का नाम 'टाशी देनशापा मेमोरियल दिव्याग केंद्र' रखा जाएगा। राज्य में दिव्यागों के लिए सुविधायुक्त और नि:शुल्क शौचालय व्यवस्था बनाया जाएगा। कॉलेज, सरकारी दफ्तर और बाजारों में दिव्यागों के लिए पार्किंग व्यवस्था चिन्हित किया जाएगा। इस केंद्र में आगामी 2022-23 के बजट सत्र में पानी के कनेक्शन दिया जाएगा। इसके साथ ही केंद्र की सुरक्षा के लिए तीन सुरक्षाकर्मी नियुक्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अपनी कोष से केंद्र को एंबुलेंस देने की जानकारी दी।

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फोटो 02- कार्यक्त्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पीएस गोले

Edited By: Jagran