जासं, सिलीगुड़ी : पूरे देश के साथ सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) उत्तर बंगाल सीमांत मुख्यालय कदमतला में संविधान दिवस या कानून दिवस का पालन निष्ठा के साथ किया गया। इस अवसर पर उत्तर बंगाल फ्रंटियर के महानिरीक्षक सुनील कुमार त्यागी ने मुख्यालय के सभी अधिकारियों एवं जवानों को संविधान के उद्देशिका की शपथ दिलाई। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत और सामुदायिक जीवन में संविधान के प्रति जिम्मेदारी और इमानदारी का पालन करना प्रत्येक भारतीय नागरिक का सर्वोच्च दायित्व है। संवैधानिक निकायों और प्रक्रियाओं में विश्वास और उसका सम्मान करना चाहिए। इस अवसर पर महानिरीक्षक ने डॉ. भीम राव अंबेदकर के संविधान निर्माण में अमू्ल्य योगदान के विषय में सभी को अवगत कराया। यहां बताते चले कि स्वतंत्रता के बाद 26 नवंबर 1949 को देश की संविधान सभा ने वर्तमान संविधान को विधिवत रुप से अंगीकार किया था। 26 नवंबर वर्ष 2015 में संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. भीम राव अंबेदकर (बाबा साहब) के 125 वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार ने इस दिन को संविधान दिवस के रुप में मनाने को अधिसूचित किया। वहा उपस्थित सभी अधिकारियों अधिनस्थ अधिकारियों एवं अन्य पद सैनिकों के द्वारा प्रस्तावना को दोहराया गया। अपने संबोधन में उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश के लोकतंत्र को संचालित करने वाली धर्म ग्रंथ का नाम है भारतीय संविधान। भारतीय संविधान में देश के सभी समुदायों और वर्गो के हितों को देखते हुए विस्तृत प्रावधानों का समावेश किया गया है। समय-समय पर इसमें बदलाव भी किया गया। इसी का परिणाम है कि आजादी के 74 वर्षो के बाद भी हमारा संविधान एक जीवंत और सतत क्रियाशील बना हुआ है।

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