मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

दार्जिलिंग, जेएनएन। एक भी गोरखा नाम एनआरसी सूची में शामिल नहीं होगा, यह मैं आपको भरोसा दिलाता हूं, एनआरसी को लेकर परेशान होने की कोई आवश्यकता नहीं है, मोदी सरकार गोरखाओं के सपने को पांच साल के अंदर ही पूरा कर देगी। यह बातें भाजपा सांसद राजू सिंह बिष्ट ने गोरखा राष्ट्रीय मुक्ति मोर्चा मंडपु जोन की की ओर से मंडपुर बस बिसाउनी में कही। उन्होंने कहा कि मैं अगले मंगलवार को असम का दौरा कर जमीनी हकीकत को लोगों को बताऊंगा।

इस मौके पर पूर्व विधायक एनबी छेत्री ने सांसद को एक ज्ञापन सौंप कर मंडपु में एक स्टेडियम का निर्माण कराने और इएसआइ अस्पताल बनवाने की मांग की। समारोह में भाजपा दार्जिलिंग सभापति मनोज देवान समेत कई स्थानीय नेता, कार्यकर्ता और क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे।

सांसद का काफिला रोकने के मामले में प्राथमिकी दर्ज

भारतीय जनता पार्टी के सांसद राजू सिंह बिष्ट का काफिला रोकने के मामले में दार्जिलिंग सदर थाने में सोमवार की देरशाम प्राथमिकी दर्ज करा दी गई। रिपोर्ट भाजपा के दार्जिलिंग जिलाध्यक्ष मनोज देवान ने दर्ज कराई। सांसद के कार्यालय के दिनेश शर्मा ने जागरण को दूरभाष पर बताया कि इस मामले में दो लोगों को नामजद करते हुए कई अन्य अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

गौरतलब रहे सोमवार को भाजपा सांसद तकवर में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे थे सिंगला चेक पोस्ट के पास उनके काफिले को रोककर लगभग 40 प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन कर गो-बैक के नारे लगाए। भाजपा इसका आरोप विनय तमांग गुट के लोगों पर लगाया है। जबकि इससे विनय गुट का कहना है कि गोरखालैंड और पर्चा नहीं मिलने से क्षुब्ध कुछ लोगों ने प्रतीकात्मक तौर पर स्वाभाविक प्रदर्शन किया। इस घटना को लेकर पहाड़ पर राजनीति गर्म हो गई है।

सांसद को रोके जाने की घटना निंदनीय 

गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (विमल खेमा) ने मंगलवार को इस बात की निंदा की कि दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्टा को सोमवार को लगभग चार घंटे तक रोका गया। कथित तौर पर मोर्चा (विनय शिविर) ने तकवर में कहा था कि सांसद को चाहिए कि वे मामले की जांच के लिए एक तटस्थ समिति की मांग करें।

बिष्टा को सोमवार को सुबह 11 बजे तकवर चेक पोस्ट इलाके में कतिपय लोगों ने काले झंडे लहराते हुए गो बैक के नारे लगाए थे, जब वह लोगों से मिलने के लिए तय कार्यक्रम के तहत सिंगला जा रहे थे। मोर्चा (विमल कैंप) के नेता बी.पी. बाजगैन ने कहा, विनय कैंप के समर्थकों ने सोमवार को जिस तरह से तकवार में दार्जिलिंग के सांसद को रोका उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम होगी। एक लोकतांत्रिक विरोध किया जा सकता है, लेकिन किसी को सांसद को चार घंटे तक कार्यक्रम में जाने से रोकने का अधिकार किसी को नहीं है।

एक निर्वाचित प्रतिनिधि होने के नाते वे एक लोकसेवक भी है और उन्हें रोकना अनुच्छेद 186 के तहत दंडनीय है। उन्होंने कहा, पुलिस ने वहां मौजूद होने के बाद भी प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार नहीं किया। अगर मौजूदा प्रशासन इस तरह की हरकतों को नहीं रोक सकता है तो फिर केंद्र सरकार को सोचना चाहिए कि यहां किस तरह के नियम की जरूरत है, बिस्टा को रोकने वालों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द हो इसकी मांग की जानी चाहिए। इस प्रकार की घटनाओं को बनाए रखना यह दर्शाता है कि पहाड़ियों में कोई शांति नहीं है और सरकार को आवश्यक कदम उठाने के लिए कहने पर उन्होंने आगे कहा, बिस्टा से अपील करते हैं कि इस मामले की जांच के लिए एक संसदीय समिति की वे मांग करें। 

Posted By: Preeti jha

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