राज्य ब्यूरो, कोलकाता : बंगाल भाजपा इकाई अब ममता सरकार के खिलाफ चार्जशीट पेश करने जा रही है। बुधवार को एक तरफ ममता सरकार अपनी नौवीं वर्षगांठ मनाएगी तो दूसरी तरफ भाजपा तीखे सवाल के साथ चार्जशीट पेश करेगी। इस चार्जशीट में सरकार की असफलता को उजागर करते हुए नौ सवाल पूछे जाएंगे। इनमें नौ बिंदु रहेंगे, जो सरकार की असफलताओं को बताएंगे। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष संवाददाता सम्मेलन में चार्जशीट पेश करेंगे। 

प्रदेश भाजपा के प्रभारी व केंद्रीय नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि ममता जी की सरकार पूरी तरह से फेल रही है। हम जनता को इस सरकार की असफलता से जनता को अवगत कराएंगे। यह सरकार स्वास्थ्य-व्यवस्था से लेकर प्रशासनिक स्तर पर हर मोर्चे पर विफल रही है। कोरोना मामले को संभालने में सरकार विफल है और अब चक्रवाती तूफान के बाद पूरे कोलकाता में हाहाकार मचा हुआ है। लोग बिजली- पानी नहीं होने से बीमार हो रहे हैं। विजयवर्गीय ने कहा कि सरकार और निगम को पहले से पता था कि इतना शक्तिशाली चक्रवाती तूफान आने वाला है, फिर इन्होंने तैयारी क्यों नहीं की? कोलकाता नगर निगम के केयरटेकर प्रशासक फिरहाद हकीम पर निशाना साधते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि ममता जी ने तुष्ट्रीकरण की नीति के कारण उन्हें बैठाया है। इनकी प्रसासनिक क्षमता कुछ नहीं है। उन्होंने कोलकाता के लिए क्या किया ? क्या पहले से झाड़ काटने की मशीन, सेना, एडीआरएफ आदि की मदद नहीं लेनी चाहिए थी? आज कोलकाता की जनता परेशान है। पानी बिजली के अभाव में लोग बीमार हो रहे हैं। इसके लिए जिम्मेदार ममता जी एवं हकीम हैं। उन्हें इसकी जवाब देना होगा।

ममता सरकार के पास केंद्र से दिए गए 3,086 करोड़ का हिसाब नहीं : दिलीप

कोलकाता : प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने बंगाल की ममता सरकार पर केंद्र सरकार की तरफ से दिए गए 3,086 करोड़ रुपये का कोई हिसाब नहीं होने का आरोप लगाया है । घोष ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोई भी बात रुपये से  शुरु और खत्म करती हैं। वह हमेशा आरोप लगाती हैं कि केंद्र सरकार रुपये नहीं दे रही है जबकि 2009 से अब तक राज्य को केंद्र की ओर से 3086 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं, जिसका कोई हिसाब नहीं है । प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि राज्य सरकार को आइला और बुलबुल जैसे चक्रवाती तूफान के समय एवं विभिन्न कार्यों के लिए हजारों करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं ।उन रुपयों का कोई हिसाब नहीं है जबकि केंद्र सरकार पर बेवजह आरोप लगाए जाते रहे हैं । घोष ने कहा कि सुंदरवन के वनांचलों को नष्ट करके वहां गैरकानूनी तरीके से मत्स्य पालन केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है। वनांचलों के नष्ट होने से प्रकृति का संतुलन बिगड़ रहा है । इसी कारण सुंदरवन चक्रवाती तूफानों का सामना करने की शक्ति खो रहा है ।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री का पिछले सात दिनों से कोई  पता नहीं है । राज्य के किसी भी मंत्री या पार्षद को सड़क पर नहीं देखा गया है । केवल सीईएससी पर दोष मढ़ दिया जा रहा है। बिजली-पानी नहीं मिलने के कारण जो लोग सड़कों पर उतरकर प्रतिवाद कर रहे हैं, उन्हें सत्तारूढ़ दल के पार्षद और नेता धमका रहे हैं । घोष ने आगे कहा कि अब तक केवल 35,000 श्रमिक ही बंगाल लौट पाए हैं । अभी भी 38 लाख श्रमिक बंगाल लौटने का इंतजार कर रहे हैं ।

 

Posted By: Vijay Kumar

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