हावड़ा, ओमप्रकाश सिंह। बंगाल के दार्जिलिंग, सिलीगुड़ी, कूचबिहार,उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद और नदिया जिलों से बांग्लादेश की सीमा सटी है। इतनी लंबी सीमा की सुरक्षा में लगे जवान काफी तत्परता से काम कर रहे हैं। सीमा सुरक्षा बल साउथ बंगाल फ्रंटियर द्वारा प्रत्येक दिन दर्जनों बांग्लादेशी घुसपैठिए दबोचे जा रहे हैं।

पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश की सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पिछले पांच वर्षों  में 12,757 बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश में प्रवेश करने के दौरान गिरफ्तार किया है। सीमा सुरक्षा बल साउथ बंगाल फ्रंटियर द्वारा उपलब्ध कराये गये आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2015 में 4810 बांग्लादेशी घुसपैठिए पकड़े गये। वर्ष 2016 में 2507 पकड़े गये, वर्ष 2017 में 1253 पकड़े गये, 2018 में 1613 बांग्लादेश घुसपैठिए पकड़े गये और वर्ष 2019 में अब तक 1296 घुसपैठिए पकड़े जा चुके हैं।

बांग्लादेशी घुसपैठिए हथियार तस्करी, महिला तस्करी, जाली नोट की तस्करी और पशुओं की तस्करी में जुटे हैं। लेकिन हर बार बीएसएफ इनके मंसूबों पर पानी फेर रहें हैं।

सूत्रों के अनुसार जवानों ने पिछले पांच वर्षों में (वर्ष 2015 से लेकर सितंबर 2019 तक) सीमा पर जवानों ने करोड़ों रुपये नकली नोटों को जब्त करने के साथ बांग्लादेशी तस्करों को गिरफ्तार किया है। साउथ बंगाल सीमा सुरक्षा बल के सूत्रों के अनुसार वर्ष 2015 में जवानों ने 2,60,82,000 नकली रुपये जब्त किए, वर्ष 2016 में 1,47,70,500 नकली रुपये, वर्ष 2017 में 62,38,000 नकली रुपये, वर्ष 2018 में 34,94,000 नकली रुपये और वर्ष 2019 में सितंबर तक 8,19,000 नकली रुपये जब्त किए गये हैं। यानी इन पिछले पांच सालों में बांग्लादेश तस्करों से जवानों ने 5,14,3,500 नकली रुपये जब्त कर देश की अर्थ व्यवस्था पर नष्ट होने से बचाया है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि जिस प्रकार प्रत्येक दिन पश्चिम बंगाल में भारत और बांग्लादेश की सीमा से घुसपैठ करते हुए बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा रहे हैं, उससे साफ है कि अब तक वे काफी संख्या में देश में प्रवेश कर अवैध रूप से रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल समेत पूरे देश में एनआरसी लागू होने से अप्रवासी बांग्लादेशी ठिकाने लग जाएंगे।

बांग्लादेश की सीमा पश्चिम बंगाल और असम राज्य की सीमा से जुड़ी हुई है। इसलिए इन्हीं दोनों राज्यों से बांग्लादेशी घुसपैठियों के देश में अवैध रूप से प्रवेश कर यहां रहने की आशंकाएं जताई जा रही है। इसी आशंका के आधार पर असम में एनआरसी किया गया है। इन्हीं दोनों राज्यों में प्रवेश करने के बाद बांग्लादेशी घुसपैठिए देश के बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई समेत अन्य राज्यों में रहकर रोजगार कर रहे हैं। राज्य के सीमावर्ती इलाकों में भारतीय दलालों की मदद से काफी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठियों के रहने का पक्का प्रमाण मिलने का दावा राजनीतिक दल कर रहें हैं। सूत्रों का मानना है कि देश के लिए ये बेहद खतरनाक हैं। इन्हीं में से कुछ नकली रुपये के तस्करी से जुड़े हैं।

हालांकि इन दोनों अपराध में बीएसएफ ने काफी तस्करों व घुसपैठियों को दबोच चुकी है। असम के साथ साथ अगर पश्चिम बंगाल में भी एनआरसी लागू किया गया तो कई अप्रवासी बांग्लादेशी पकड़े जाएंगे। घोष का आरोप है कि ममता सरकार बांग्लादेशी घुसपैठियों को पूरी तरह नागरिकता प्रदान करने में जुटी है। फिलहाल राज्य सरकार द्वारा आधार कार्ड,राशन कार्ड बनाने का निर्देश दिया गया है। राशन कार्ड जारी करने के काम इतने तेजी से चलाए जा रहें हैं कि पिछले दो सप्ताह में 18 लाख से अधिक लोग राशन कार्ड के लिए आवेदन जमा कर चुके हैं। उक्त समस्त जिलों से घुसपैठियों नकली नोट को देश की सीमा में फेंक रहे हैं। यह भी मामला सामने आ चुका है कि नकली नोट से भरे बैग को देश की सीमा में फेंका गया है।

Posted By: Preeti jha

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