- सिर चढ़कर बोल रहा है बैचलर पार्टी का क्रेज

-शादी से पहले ही टूट गए है कई रिश्ते

-समाज के लोगों ने सिर्फ संगठन बनाकर निभा ली जिम्मेदारी

-इस्लामपुर मारवाड़ी समाज ने दिखाई नई राह

-सिलीगुड़ी में प्रभावी कदम उठाने की जरूरत जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी शहर में शादी से पहले बैचलर पार्टी ने एक खतरनाक बुराई का रूप ले लिया है। इस बुराई को तबतक समाप्त करना संभव नहीं है जब परिवार के लोग सजग नहीं होंगे और सामाजिक संगठन इसको रोकन के लिए आगे नहीं आएंगे। लेकिन लगता है कि कोई भी इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है। यह वजह है कि बैचलर पार्टी में अधिक नशे के कारण दो-दो युवकों की मौत भी हो चुकी है,उसके बाद भी लोग नहीं चेते हैं। कई मामलों में तो शादियां टूट गई है।

मिली जानकारी के अनुसार रस्मों रिवाज के साथ जोड़े गए रिश्ते जो जीवन भर चलते हैं, बैचलर पार्टी और प्री वेडिंग शूट के चलते शादी से पहले ही बिखर रहे हैं। सिलीगुड़ी शहर में ऐसे सैकड़ों उदाहरण मिल जाएंगे जिसमें बैचलर पार्टी ने रिश्तों को जोड़ने के बजाए तोड़ने का काम किया है। इस मामले में जब शहर के कई प्रबुद्ध लोगों से बात की गई तो ऐसे कई मामले सामने आए। ऐसे ही एक मामले में एक युवक ने अपनी मंगेतर को बैचलर पार्टी में बुलाया और अपने सभी दोस्तों से मिलवाया। उसके बाद बैचलर पार्टी में डिस्को की धुन पर दोनों ने एक-दूसरे की बांहो में रहकर जन्म जन्मांतर जीने मरने की कसमें खाई। इसके बाद शुरू हुआ नशे का दौर। शराब के साथ ड्रग्स लेने की भी शुरूआत हुई। उस लड़के तथा उसके दोस्तों ने नशा लेना शुरू किया। हांलाकि उसकी मंगेतर को गटागट शराब पीना बर्दाश्त नहीं हुआ। लड़की ने देखा कि वह जिसके साथ विवाह करने जा रही है वो धकाधक ड्रग्स और शराब लिए जा रहा है। यह देखकर उसका एक तरह से दिल टूट गया और उसने उसी क्षण उस लड़के से शादी नहीं करने का मन बना लिया। बाद में उस लड़की ने बहुत ही दृढ़ता के साथ उस युवक के साथ विवाह करने से मना कर दिया। बाद में इस विवाद को सुलझाने के लिए दोनों परिवारों में कई मीटिंग हुई। लेकिन लड़की अपने निर्णय पर अड़ी रही। उसने अपने परिवार वालों को साफ कहा कि विवाह से पहले जिस लड़के का ये हाल है, वो विवाह के बाद क्या करेगा, सोच से परे हैं। ऐसे में यह रिश्ता जुड़ने के बजाए बिखर गया।

वहीं दो वर्ष पहले बैचलर पार्टी के चक्कर में दो युवकों की मौत भी शहर में हो चुकी है। पहले मामले में एक युवक बैचलर पार्टी कर देर रात को अपने घर ओर लौट रहा था। वह काफी नशे में था। पार्टी में नशे का असर सिर चढ़कर बोल रहा था। वह अपनी गाड़ी सही तरीके से नहीं चला पा रहा था। फिर भी गाड़ी लेकर निकल पड़ा। नशे के कारण यह उसकी अंतिम सवारी रही। गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। यह खबर सुनने के बाद सारा शहर सकते में आ गया। तब इस बुराई के खिलाफ लोगो ने आवाज भी उठाई। कई सामाजिक संगठनों ने मिलकर बैठक की। उस समय बैचलर पार्टी पर प्रतिबंध लगाने की आवाज भी उठी। समाज के कई लोग आगे आए और एक नया संगठन बनाया गया। काफी हो हंगामा हुआ लेकिन काम का काम कुछ भी नहीं हुआ। सारी पहल बस संगठन बनाने तक ही रही गई। बैंचलर पार्टी को खत्म करने के लिए किसी तरह का कोई कदम नहीं उठाया गया। स्थिति जस की तस बनी रही बल्कि उससे भी बदतर होती गई। इस घटना के कुछ महीने बाद एक और युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई। बताया गया कि वह भी किसी बैचलर पार्टी से आ रहा था। इस तरह से कहें तो दो-दो मौत के बाद भी शहर के लोग नहीं चेते और बैचलर पार्टी जस का तस जारी है। अब तो आलम यह है कि बैचलर पार्टी देना एक फैशन बन गया है। इसकी बुराई पर सब चुप्पी साधे हुए हैं।

दीमक दीवारों को खोखला करती है और समाज में पनप रही बुराई परिवारों को खोखला कर रही है। प्री वेडिंग के नाम पर अपसंस्कृति हो रही है। आपस में संबंध विच्छेद हो रहे है। बैचलर पार्टी से समाज का युवा भ्रमित है। अभिभावकों को अपने बच्चों को सही संस्कार देने की आवश्यकता है। हम जैसा संस्कार देंगे भावी पीढ़ी वैसे ही बनेगी। समाज की इन कुरीतियों पर रोक लगाने की आवश्यकता है।

- सुशील रामपुरिया, सामाजिक कार्यकर्ता बैचलर पार्टी भारतीय संस्कृति का अंग नहीं है। इसको बढ़ावा देने का तात्पर्य है समाज को गलत राह पर ले जाना। इस तरह की पार्टी से परिवार में बिखराव हो रहा है। हम अपनी बेटी के लिए ऐसा वर खोजते हैं जो किसी प्रकार का नशा नहीं करता हो। वहीं हम बैचलर पार्टी का आयोजन कर शराब और ड्रग्स परोस रहे हैं। हम क्या संदेश देना चाहते हैं, समझ से परे हैं। ऐसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगना चाहिए।

- सनत भौमिक, सचिव, हिलकार्ट रोड व्यवसायी समिति विवाह से पहले फोटो शूट और बैचलर पार्टी के पक्ष में नहीं हूं। इससे समाज को एक गलत संदेश दिया जा रहा है। ये समय और पैसा दोनों की बर्बादी है। धीरे-धीरे ऐसी कुरीतियां समाज में अपने पैर फैला रही हैं। आवश्यकता है इस पर रोक लगाने की। समाज के सभी लोगों को एकजुट होकर इस पर मंथन करने की आवश्यकता है। तभी इस पर रोक लग पाएगी।

- धनंजय गुप्ता, अध्यक्ष, नवयुवक वृंद क्लब इस्लामपुर मारवाड़ी समाज ने देखा कि प्री वेडिंग शूट और बैचलर पार्टी से किसी का भला होने के बजाए नुकसान हो रहा है। समाज गलत दिशा में जा रहा है। विवाह से पहले प्री वेडिंग शूट करके जब तिलक, संगीत के दिन उसे दिखाया जाता है तो परिवार के बडे-बुजुर्ग बहुत ही असमंजस की स्थिति में होते हैं। वहीं बैचलर पार्टी युवाओं को पथभ्रमित कर रही है। ऐसे में यहां पर समाज के सभी लोगों ने मिलकर एक बैठक की। सभी से बातचीत की गई। सर्वसम्मति से इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

- दामोदर अग्रवाल, मारवाड़ी समाज, इस्लामपुर

Posted By: Jagran

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