-सांसद खगेन मुर्मू ने भाजपा नेतृ श्रीरूपा मित्र चौधरी के साथ मनाया भाई फोटा

-रेड लाइलाइट एरिया में स्वयंसेवी संस्था की ओर से भाई फोटा का आयोजन

-कृष्णेंदु चौधरी ने किन्नर के हाथों तिलक लगाया

-मंत्री रवींद्र नाथ घोष ने अपने घर पर अपनी बहन आरती के साथ मनाया भाई फोटा

-पुलिसकर्मियों ने भी अपने तरीके से भाई फोटा का पालन किया

जेएनएन, मालदा/कालियागंज/बालुरघाट/दिनहाटा/रायगंज: भारत-बांग्लादेश के सीमा पर मंगलवार को भाजपा नेतृ श्री रूपा मित्र चौधरी ने बीएसएफ जवानों को माथे पर तिलक व मिठाई खिलाकर भाई फोटा मनाया। साथ ही उन्होंने उत्तर मालदा के सांसद खगेन मुर्मू को के साथ भी यह पावन दिवस मनाया और उनके लंबी आयु की कामना की। बालुरघाट में भी बीएसएफ के जवानों को तिलक लगाकर इलाके की बहनों ने भाई के लंबी आयु व सुख-शांति की प्रार्थना की।

दूसरी ओर मालदा के रेड लाइट एरिया में भी यौन कर्मियों के साथ भाई फोटा का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। गौरतलब है कि भैया दूज बंगाली समुदाय भाई फोटा व नेपाली समाज भाई टीका के रूप में मनाती है। यह दिन भाई-बहनों के लिए विशेष होता है।

तृणमूल के पूर्व मंत्री कृष्णेंदु चौधरी ने जाति-धर्म-वर्ण से अलग हटकर तृतीय लिंग किन्नर के साथ भैया दूज का पर्व मनाया। उन्होंने किन्नरों से तिलक लगाकर उन्हें उपहार भेंट किया।

भाई-बहन के पवित्र रिश्तो का प्रतीक भैयादूज पर्व मंगलवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मंगलवार को शादीशुदा अथवा कुंवारी युवतियों ने अपने भाइयों चाहे वह बड़े हो या छोटे को तिलक व मिठाई खिलाकर उनके जीवन में खुशियों की बहार,दीर्घायु होने की कामना की ।

यह पर्व विभिन्न स्थानों पर विभिन्न नामों से मनाया जाता है।उत्तर बंगाल के विभिन्न हिस्सों में भाई फोटा के नाम से यह पर्व मनाया जाता है, जबकि उत्तर प्रदेश,दिल्ली एवं मध्य प्रदेश में यह पर्व भैया दूज के रूप में मनाया जाता है।इसी के तहत मंगलवार को सुबह से ही बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक कर उनका मुंह मीठा कराया। इसके उपरात भाइयों ने भी अपनी सामर्थ्य के अनुसार बहनों को गिफ्ट प्रदान किया।

वही भाई फोटा पर्व को लेकर जिले के रायगंज ,इस्लामपुर,दालकोला, कालियागंज,कर्ण दिघी, चाकुलिया,ग्वाल पोखर, सोनापुर एवं चोपडा में काफी चहल-पहल देखी गई।इस तरह सार्वजनिक स्थलों पर अधिकतर लोग माथे पर तिलक लगाए नजर आए,कुछ बहनों ने बस स्टैंड,रेलवे स्टेशन पर अपने गंतव्य को जा रहे भाइयों के माथे पर तिलक करके भाई फोटा की रस्म अदायगी की। कुछ संस्थाओं में भी भाई फोटा का आयोजन किया।कुल मिला कर कालियागंज प्रखंड समेत पूरे उत्तर दिनाजपुर जिला में भैया दूज हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।वहीं आज के दिन जिला भर के विभिन्न इलाकों में लोगों ने चित्रगुप्त पूजा भी श्रद्धा एवं आस्था के साथ की। मूक-बधिर के साथ मनाया गया भैया दूज

भाई दूज के अवसर पर रायगंज में अनाथ व मूक बधिर बच्चों को बहनों ने तिलक लगाकर उनके दीर्घायु होने की कामना की। उत्तर दिनाजपुर जिला प्रशासन के तत्वावधान में राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग अधीनस्थ रायगंज स्थित सूर्योदय मूक बधिर होम में भैया दूज पर्व हर्ष व उल्लास के साथ मनाया गया। इस दिन होम के सारे बच्चों को नया पोशाक पहनाया गया और होम में रहने वाली बहनें सभी लड़कों के माथे पर तिलक लगायी। इसके बाद सभी मिष्ठान्न आदि ग्रहण कर उत्सव का आनंद उठाया। जिला के बाल कल्याण अधिकारी असीम कुमार राय ने कहा कि उत्सव के अवसर पर अन्य बच्चों की तरह होम के मूक बधिर बच्चों के लिए भी विशेष आयोजन किया जाता है।

इसके अलावा पश्चिम बंग सरकार के जन शिक्षा विभाग अधीनस्थ रायगंज के देवीनगर स्थित अनाथ आश्रम के बच्चों को इलाके की लड़कियों ने तिलक लगाकर भैया दूज पर्व की रस्में निभाई। इस दिन अनाथ बच्चों को नए वस्त्र, खिलौने, मिठाई आदि भेंट किया गया। इलाके का पार्षद अभिजीत साहा ने कहा कि यह आयोजन बहुत ही उदात्त भावना का द्योतक है। इलाके की बहनें अनाथ बच्चों को भाई का स्नेह व सम्मान दे, इससे बढ़कर और कोई सोच हो ही नहीं सकती है। दिव्यांग शिक्षिका ने पांव से तिलक लगाकर भाई के दीर्घायु की प्रार्थना की शारीरिक रूप से अक्षम होते हुए भी शोभा ने रिश्ते के रिवाजों को बखूबी निभाई। रायगंज के रागापुकुर की रहने वाली, पेशे से स्कूल शिक्षिका शोभा मजूमदार जन्म के समय से ही दोनों हाथों से विकलाग है, फिर भी भाई दूज के अवसर पर हाथ की अँगुली की जगह पैर की अंगुली से अपने दोनों भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर, उनके दीर्घायु और मंगल की कामना की. और बहन की इस आत्मिकता से भाई पार्थ और विकास काफी फक्त्र महसूस कर रहे है। उल्लेखनीय है कि शोभा अपने दोनों हाथों से अक्षम होने के बावजूद जीवन में कभी हार नहीं मानी। वह अपने पैरों के सहारे जीवन की हर चुनौती से जुझती रही। शोभा के पिता सब्जी बेचकर अपने परिवार का गुजारा करते थे। अपने पिता की लाचारी को बचपन में ही भाप कर वह दोनों पैरों के सहारे पैरों पर खड़े होने की ज़ज्बा से आगे बढ़ने की ठान ली। वह अपनी विकलागता को कमजोरी नहीं बल्कि संबल मानकर जीवन पथ पर अग्रसर हुई। पैरों से पेंसिल और पेन पकड़कर पढ़ाई लिखाई शुरू की और सफलता के एक-एक सोपान पर चढ़ती हुई स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई पूरी की। पैर से ही कंप्यूटर में डिप्लोमा हासिल कर नयी तकनीकी शिक्षा प्रणाली के साथ कदमताल करने लगी। अंतत: स्थानीय प्राथमिक विद्यालय में उसे बतौर शिक्षिका की नौकरी मिली। पैर की अंगुली से चौक पकड़कर शोभा बच्चों को पूरी तत्परता से पढ़ाती हुई, आदर्श शिक्षिका बन गई। बच्चे भी उनके शारीरिक अपंगता का मज़ाक़ नहीं उड़ाते बल्कि उन्हें सहयोग करते और बड़े चाव से उनके पास पढ़ते। भाई दूज के अवसर पर दोनों भाई पार्थ व विकास मजूमदार ने बहन का आशीर्वाद पाकर काफी आह्लादित दिखे। उन्होंने आत्म विभोर होकर बताया कि उनकी बहन शोभा, प्रेरणा की प्रतिमूर्ति है।

मंत्री रवींद्र घोष का भाई फोटा बहन आरती के संग

उत्तर बंगाल के विकास मंत्री रवींद्रनाथ घोष ने अपनी सगी बहन आरती घोष नियोगी के साथ अपने निवास स्थान पर भाई फोटा का पर्व मनाया। मंत्री इस अवसर पर सफेद रंग के पंजाबी कुर्ता पहने हुए थे।

महिला पुलिसकर्मियों में पुरुष सहकर्मी के साथ मनाया भाई फोटा कूचबिहार में महिला पुलिस कर्मी ने व्यस्तता के कारण अपने पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ भाई फोटा का त्योहार मनाया। दिनहाटा महिला थाना की ओसी सुकृति तामांग ने बताया कि पूजा के दौरान सुरक्षा आदि को लेकर काफी व्यस्तता रहती है। छुट्टी नहीं रहती। थाना ही अब घर है और पुरुष सहकर्मी भाई है। इसलिए हमने थाने में ही भाई फोटा का आयोजन किया। दिनहाटा के एसडीपीओ मानवेंद्र दास ने बताया कि हमारे लिए शनिवार व रविवार नहीं होता। थाना के सहकर्मी हमारे परिवार है। मैं अपनी बहन के पास नहीं जा पाता। मन कचोटता तो है। लेकिन थाने की महिला सहकर्मी भी मेरी बहन जैसी है। इसलिए इनके साथ हमने भाई फोटा मनाया।

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Posted By: Jagran

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