आसनसोल : फणि चक्रवात के कारण रानीगंज के तीन ग्राम पंचायत इलाकों में फसल को भारी नुकसान हुआ है। जिसके कारण इस अंचल के करीब एक सौ किसानों के माथे पर चिता की लकीरें पड़ गयी है। इस नुकसान को लेकर कृषि विभाग के रानीगंज ब्लाक अधिकारी की ओर से राज्य सरकार को रिपोर्ट भी भेजी गयी है। कृषि विभाग के रानीगंज सहायक निदेशक अम्लान सरकार ने बताया कि यहां फणि के कारण करीब 70 से 72 एकड़ की फसल खराब हुई है। इसकी रिपोर्ट उप निदेशक को भेज दी गयी है। कहीं बारिश का पानी जमने तो कहीं आंधी के कारण नुकसान पहुंचा है। रानीगंज के तीन गांव में सब्जी एवं अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि रानीगंज अंचल में वर्तमान समय में सब्जी की खेती अच्छी होती है। नुपूर गांव एवं आसपास के गांवों में वर्ष भर विभिन्न सब्जियों की अच्छी पैदावार होती है। फणि के कारण बल्लभपुर, नुपूर एवं तिराट, जेमारी गांव में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। यहां झींगा, पटल, कुम्हड़ा, कद्दू, खीरा तथा करैला सब्जियों की खेती अच्छी होती है। इस नुकसान की भरपाई के लिए अगर कोई आर्थिक सहायता किसानों को मिलेगी, तो इसी के आधार पर ही रिपोर्ट बनाकर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि नुपूर गांव में सबसे बड़ी समस्या यहां गुजरने वाला कैनल है, जिसके माध्यम से एक बांध का पानी दामोदर नदी में जाता है। इस कैनल की काफी समय से सफाई नहीं हुयी है, जिसके कारण बारिश होने पर कैनल से पानी उफन कर बाहर खेतों में चला जाता है। जिसके कारण फसल को नुकसान होता है। इस बार पानी के साथ-साथ आंधी के कारण फसल को भारी नुकसान हुआ है। यहां के किसान उदयशंकर पाल, बापी गोराई, अजय मंडल आदि का कहना है कि यहां फणि ही नहीं बल्कि अन्य प्राकृतिक विपदा आने पर भी फसल को काफी नुकसान होता है। यहां इस बार 72 एकड़ जमीन पर फसल को नुकसान हुआ है। यहां वह लोग खुद अपना पैसा लगाकर खेती करते है। लेकिन यहां प्रशासनिक स्तर से पर्याप्त सहयोग भी नहीं मिलता है।

Posted By: Jagran

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