आसनसोल: मोमो चैलेंज गेम को लेकर आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर सेल में चार- पांच शिकायत मिलने के बाद पुलिस की परेशानी बढ़ गई है। पुलिस कमिश्नरेट की साइबर सेल ने जांच के पश्चात पाया है कि मोमो चैलेंज गेम से संबंधित फोन कहीं विदेश से नहीं बल्कि राज्य से ही आ रहा है। जांच के प्रारंभिक चरण में पता चला कि दुर्गापुर इलाका के कुछ तकनीकी छात्र एप का व्यवहार कर मोमो नंबर बता रहे है। ये नंबर वास्तविक नंबर लग रहा है और कहीं विदेश का लग रहा है। हालांकि पुलिस ऐसे गिरोह तक पहुंच चुकी है, लेकिन फिलहाल उनकी गिरफ्तारी करने से बच रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दरअसल सभी आरोपित तकनीकी छात्र है, यदि उन्हें गिरफ्तार किया गया तो उनका कैरियर बर्बाद हो जाएगा। यहीं कारण है कि पुलिस गिरफ्तारी की बजाय उनके काउंसि¨लग पर जोर दे रही है। अगर इसके बाद भी भटके हुए छात्रों में सुधार नहीं दिखा तो उनका जेल की हवा खाना तय है। मालूम हो कि हाल ही में दुर्गापुर के एक तकनीकी छात्र को पुलिस ने मोमो मामले में एक छात्र को गिरफ्तार किया था। बताया जाता है कि अब तक लाउदोहा और जामुड़यिा से एक- एक तथा दुर्गापुर शहर से दो लोग मोमो की शिकायत दर्ज करा चुके है। इसे देखते हुए आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट ने सोशल मीडिया पर अपने एकाउंट के माध्यम से लोगों को जागरुक करना शुरू कर दिया है।

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मोमो से बचाव को पुलिस ने जारी किए दिशा-निर्देश:

मोमो चैलेंज गेम्स की चुनौतियों को देखते हुए आसनसोल दुर्गापुर पुलिस ने मोमो चैलेंज गेम्स से बचाव को लेकर क्या करें और क्या न करें को लेकर विस्तृत जानकारी देनी शुरू की है। इसके तहत अभिभावकों से कहा गया है कि बच्चों को जागरुक करें कि ¨हसक व आत्मघाती ऑनलाइन गेम्स खेलने के किसी भी निमंत्रण में शामिल न हो। इस तरह के किसी भी आमंत्रण के मिलने पर तत्काल पुलिस के मेल में सूचना दें। अपने बच्चों के व्यवहार पर हमेशा नजर रखें। किसी भी असामान्य व्यवहार होने पर तत्काल ध्यान दें। अपने सोशल नेटवर्क साइटों को नियमित अंतराल पर लॉग इन पासवर्ड बदलते रहे। दो स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था रखें ताकि लॉक जल्दी न खुलें। अज्ञात संख्या को ब्लॉक करें। कोई भी मोमो ¨लक या चित्र भेजता है तो उसे स्पैम के रूप में चिन्हित कर तत्काल पुलिस को सूचित करें। इसके साथ ही पुलिस ने ये भी बताया है कि आपको क्या- क्या नहीं करना है। इसमें ¨हसक गेम्स खेलने के किसी भी निमंत्रण का जवाब नहीं देने को कहा गया है। किसी भी साइट और प्ले स्टोर से मोमो के नाम पर कोई भी गेम डाउनलोड नहीं करें। अपने डिवाइस पर कोई एप या सॉफ्टवेयर इंस्टाल नहीं करें जो डिवाइस घटक की अतिरिक्त अनुमति लेता है और आपकी ऑनलाइन व ऑफलाइन गतिविधि की जासूसी करता है।

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सोशल मीडिया पर भी जागरूकता अभियान:

एक ओर पुलिस इससे जुड़े लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर सोशल मिडिया के माध्यम से मोमो चैलेंज गेम से बचने के लिए लोगों को जागरुक भी कर रही है। इसके मोमो चैलेंज गेम से बचने के लिए लोगों को क्या- क्या करना चाहिए और क्या-क्या नहीं करना चाहिए इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

Posted By: Jagran