जागरण संवाददाता, आसनसोल : आसनसोल रेल मंडल अस्पताल सुविधा नहीं रहने के बावजूद कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए तैयार है। यहां के सात डाक्टर, 23 स्वास्थ्य कर्मियों सहित कुल 264 लोग कोरोना की चपेट में हैं। इनमें रेलकर्मी व उनके परिजन शामिल हैं।

बुधवार को मंडल रेल अस्पताल के मुख्य चिकित्सक अधीक्षक डा. मनोरंजन महता ने बताया कि कोरोना के कहर की चपेट में रेलकर्मी एवं उनके परिजनों के साथ अस्पताल के सात डाक्टर, 23 स्वास्थ्य कर्मियों हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को बूस्टर की डोज अस्पताल में दिया जा रहा है लेकिन कोविड के अनुसार जिस तरह से रेलकर्मी परिवार को बूस्टर की डोज लेने चाहिए नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेल प्रशासन ने रेलकर्मियों एवं उनके परिजनों व बच्चों को वैक्सीन देने की पर्याप्त व्यवस्था किया है ताकि सभी लोग वैक्सीन ले लेकिन अभी भी बहुत से लोग वैक्सीन नहीं लिए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के कहर के मुकाबला के लिए रेल प्रशासन सभी तरह मूलभूत सुविधाओं से लैस है।

रेल कर्मियों का आरटीपीसीआर कोलकाता में हो रहा : आसनसोल रेल मंडल के अधीन कार्यरत कर्मियों एवं उनके परिजनों का आरपीसीआर (रिवर्स ट्रांसक्रप्शन पोमीमरेज चेन रिएक्शन) की जांच कोलकाता के राष्ट्रीय प्राद्यौगिकी अनुसंधान संगठन में कराया जा रहा है। आसनसोल मंडल अस्पताल में प्रतिदिन दर्जनों रेलकर्मियों एवं उनके परिजनों का सिपल लेकर कोलकाता भेजा जाता है एवं शाम तक आरटीपीसीआर का आनलाइन रिपोर्ट मिलने पर उपचार आरंभ कर दी जाती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में पर्याप्त दवा की व्यवस्था की गई है। सीएमएस डाक्टर महता ने बताया कि शुक्रवार से आक्सीजन स्टाल का कार्य भी आरंभ हो जाएगा। इसके अलावा अस्पताल प्रशासन शिल्पांचल के कई निजी अस्पतालों के साथ समझौता के तहत अपनी रोगियों के इलाज की व्यवस्था किए हुए है। उन्होंने कहा कि मंडल के क्षेत्र के सभी रेल कालोनियों में साफ-सफाई की व्यवस्था के साथ सैनिटाइज लगातार कराया जा रहा है।

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