जागरण संवाददाता, दुर्गापुर : बालू तस्करी के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इस बार पुलिस ने कुल्टी के नियामतपुर निवासी पूर्व पार्षद अजय प्रताप सिंह को अवैध ढंग से बालू घाट चलाने एवं बालू का स्टाक रखने के मामले में गिरफ्तार किया। सोमवार को पूर्व पार्षद को दुर्गापुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसकी जमानत याचिका नामंजूर हो गई एवं चार दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

पश्चिम ब‌र्द्धमान जिला प्रशासन एवं पुलिस की ओर से अगस्त माह से ही अवैध ढंग से बालू तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अजय या दामोदर नदी से बालू खनन पर रोक भी है। वहीं पुलिस की ओर से सड़कों पर भी बालू ढुलाई के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है एवं कई वाहनों को जब्त किया गया है। बालू तस्करी में सुजय पाल उर्फ केबू समेत कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। अगस्त माह में कांकसा के भूमि विभाग एवं पुलिस की ओर से अजय नदी के किनारे विभिन्न जगहों पर अभियान चलाया गया था। अभियान के दौरान कई अवैध घाटों की जानकारी मिली थी। वहीं वनकाठी पंचायत की विभिन्न जगहों पर अवैध ढंग से बालू भी जमा कर रखा गया था। जिसके खिलाफ भूमि विभाग की ओर से कांकसा थाने में शिकायत दर्ज की गई थी। कांकसा के भूमि अधिकारी सुब्रत घोष ने कहा कि बालू जमा होने के मामले में मालिकों का कोई सुराग नहीं मिला था, इस कारण थाने में शिकायत दर्ज हुई थी। वनकाठी, सातकहानिया में कई जगह अवैध बालू मिला था। भूमि विभाग की ओर से 23 अगस्त को दर्ज हुई शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरु की। जिसमें कुल्टी के पूर्व विधायक अजय प्रताप सिंह का नाम सामने आया। जांच में पुलिस को पता चला है कि अजय प्रताप का एक वैध बालू घाट था, जबकि सातकहानिया इलाके में एक अवैध बालू घाट था। पूर्व पार्षद अवैध ढंग से बालू तस्करी में शामिल थे। जिसके बाद रविवार की रात नियामतपुर से उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि बालू तस्करी के खिलाफ हमारा अभियान जारी है।

केबू के सहयोगी अब भी पुलिस गिरफ्त से दूर : बालू तस्करी के मामले में करीब एक माह पहले पुलिस ने सुजय उर्फ केबू को गिरफ्तार किया था। जो रिमांड में विभिन्न थाना का चक्कर काट रहे हैं। उसके बाद कई बालू कारोबारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। लेकिन अब तक पुलिस उसके करीबी बालू तस्करों परवेज, संतोष एवं सरवन की जोड़ी को गिरफ्तार नहीं कर पायी है। परवेज तो फरार है, लेकिन संतोष एवं सरवन को कई बार दुर्गापुर क्षेत्र में देखा भी गया है। परवेज दुर्गापुर, फरीदपुर, कांकसा में बालू तस्करी में काफी सक्रिय था। जबकि केबू की मदद से ही दामोदर नदी के वारिया इलाके में संतोष व सरवन ने भी अवैध बालू खदान बना लिया था। इन लोगों तक अब तक पुलिस नहीं पहुंच पायी है।

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