आसनसोल : भीमा कोरेगांव ¨हसा मामले में वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी ने स्पष्ट कर दिया कि जो भी वर्तमान सरकार के खिलाफ आवाज उठाएगा उसे गिरफ्तार कर काल कोठरी में डाल दिया जाएगा। जिस आपातकाल की बात आज मोदी जी कर रहे हैं, उस आपातकाल का इन्हीं विचारकों ने विरोध किया था। सिख दंगा का भी उनलोगों ने विरोध किया था। लेकिन शहरी नक्सली के नाम पर जिस तरह मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई है। उसकी सभी ओर ¨नदा हो रही है। उक्त बातें सीपीआइ एमएल के जिला सचिव सुरेंद्र कुमार ने शुक्रवार को आसनसोल गिरिजा मोड़ में आयोजित पथसभा में कही। सुरेंद्र कुमार ने कहा कि हमारी मांग है कि गिरफ्तार किए गए पांचों बुद्धिजीवियों को तत्काल रिहा किया जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव निकट आते ही नक्सल, आतंक के नाम पर विरोधियों को कुचलने की साजिश शुरू हो गई। सभा के दौरान खाद्य सुरक्षा आंदोलन में शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। मौके पर प्रदीप बनर्जी, स्वदेश चटर्जी, उज्जवल राय, रबिन बनर्जी, संध्या दास, कल्याण भट्टाचार्य आदि उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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