नजदीक स्थानांतरण की बजाय और दूर भेजने की चेतावनी

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::बार बार आवेदन के बाद भी घर के समीप नहीं किया जा रहा स्थानांतरित

संवाद सहयोगी, सांकतोड़िया : राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दरवाजे पर रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए उत्सश्री योजना शुरू की है। इस योजना के तहत दूसरे जिले से पढ़ाने आए शिक्षक-शिक्षिकाओं को उनके घर के पास के स्कूलों में स्थानांतरित कर दिया गया है। पुरुलिया शहर से बंदोयान, बाघमुंडी, मानबाजार, झालदा, सांतुड़ी, नितुरिया प्रखंड के स्कूलों में पढ़ाने गए शिक्षक भी शहर और आसपास के इलाकों के स्कूलों में उत्सश्री के तहत चले गए हैं। दूसरे जिले से काम करने आए शिक्षक-शिक्षिकाएं ही नहीं सरकारी कर्मचारी भी एक दो माह बाद उनके घर के पास के कार्यस्थलों पर स्थानांतरण लेकर चले गए हैं।

जबकि, पुरुलिया शहर के रेनी रोड क्षेत्र निवासी बसंती सरकार कई बार जिला प्रशासन से अपने निवास स्थान के नजदीक स्थानांतरण की गुहार लगा चुकी है। उनका तबादला तो नहीं हो रहा है। उल्टे अधिकारी उन्हें और दूर स्थानांतरित करने की धमकी दे रहे हैं। बसंती सरकार बाउरी का लालन पालन जन्म से ही होम में हुआ है। राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग के गृह कोटे में उन्हें आंगनबाडी कार्यकर्ता के रूप में नौकरी मिली है। बसंती सरकार बाउरी ने बताया कि वह 1992 से नितुरिया प्रखंड के सालतोड़ पंचायत के आमडांगा भुइयां पाड़ा स्थित आंगनबाडी केंद्र में कार्यरत हैं। उन्हें प्रतिदिन सुबह बस से पुरुलिया शहर से करीब 65 किलोमीटर दूर पारबेलिया आंगनबाड़ी केंद्र में काम पर आना पड़ता है। आंगनबाड़ी केंद्र से काम खत्म करने के बाद घर लौटने में रात हो जाती है। वह पुरुलिया शहर या अपने घर के पास किसी जगह तबादले के लिए नितुरिया ब्लाक के सीडीपीओ सहित जिला प्रशासन के अधिकारियों को आवेदन कर रही है। उन्होंने कहा कि वेतन आठ हजार रुपए प्रतिमाह है। आधा वेतन तो बस भाड़े में ही खर्च हो जाता है। बसंती सरकार बाउरी ने कहा कि नितुरिया के सीडीपीओ से तबादले की बात कही तो उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए संभव नहीं है। उन्होंने और दूर तबादला करने की धमकी भी दी। नितुरिया प्रखंड की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शासक दल के किसी नेता की सिफारिश नहीं होने के कारण अनाथ बसंती देवी को परेशान किया जा रहा है।

Edited By: Jagran