सनातन धर्म में पुत्रदा एकादशी का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान होता है। आइए जानते हैं कि इस दिन कौन से काम करने चाहिए?
पंचांग के अनुसार, सावन माह में पुत्रदा एकादशी की शुरुआत 15 अगस्त को सुबह 10 बजकर 26 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 16 अगस्त सुबह 09 बजकर 39 मिनट पर होगा। 16 अगस्त को व्रत रखा जाएगा।
पुत्रदा एकादशी पर चावल खाने की मनाही होती है। अगर आप एकादशी के दिन चावल खाते हैं, तो जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
ऐसी मान्यता है कि पुत्रदा एकादशी पर चावल खाने से व्यक्ति को अगला जन्म रेंगने वाले जीव की योनि में मिलता है। इस दिन चावल खाने से बचना चाहिए।
पुत्रदा एकादशी के दिन चावल खाने से व्यक्ति को शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती है। इस दिन चावल खाना मांस खाने के बराबर होता है।
अगर आप पुत्रदा एकादशी पर चावल का सेवन करते हैं, तो पाप का सामना करना पड़ सकता है। विष्णु पुराण के चावल खाना वर्जित बताया गया है।
इस व्रत के दौरान शकरकंद, कुट्टू के आटे की रोटी, दूध, दही और फल का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा, भगवान विष्णु को भोग लगाए गए पंचामृत का भी सेवन कर सकते हैं।
पुत्रदा एकादशी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करते समय कौड़ी अर्पित करें। इसके बाद लाल कपड़े में 5 कौड़ी बांधकर तिजोरी में रख दें। ऐसा करने से धन की कमी नहीं होती है।
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