अक्सर लोग बाथरूम बनाते समय दिशा का ध्यान नहीं देते हैं। इसका दरवाजा भी गलत दिशा में कर देते हैं। आइए जानते हैं कि बाथरूम का दरवाजा किस दिशा में होना चाहिए?
घर में किसी भी चीज को बनाते समय वास्तु के नियमों का ध्यान रखना चाहिए। इन बातों का पालन न करने से वास्तु दोष हो सकता है।
बाथरूम के दरवाजे को सही दिशा में करना चाहिए। गलत दिशा में दरवाजा करने से घर में कंगाली का सकती है।
वास्तु के अनुसार, घर में बाथरूम उत्तर दिशा या उत्तर-पश्चिम दिशा में बनवाना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
वास्तु के अनुसार, बाथरूम के दरवाजे को इस तरफ बनाना चाहिए ताकि, वह उत्तर या पूर्व दिशा की तरफ खुले।
घर में भूलकर भी बाथरूम को दक्षिण, दक्षिण पूर्व या दक्षिण पश्चिम दिशा में नहीं बनाना चाहिए। इससे परिवार के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।
घर की उत्तर-पूर्व दिशा भगवान की दिशा होती है। इस दिशा में बाथरूम बनाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
घर में बाथरूम को उत्तर-पूर्व दिशा में बनाने से परिवार में गृह क्लेश की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके साथ ही, पिता से रिश्ते खराब हो सकते हैं।
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