अक्सर लोग रोजाना स्नान करने के बाद पूजा-पाठ करते हैं। आइए जानते हैं कि सुहागिन महिलाओं को किस समय स्नान करना चाहिए?
रोजाना सुबह के समय स्नान करके पूजा-पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और साधक के ऊपर आशीर्वाद बनाए रखते हैं।
शास्त्रों में 4 प्रकार के स्नान ब्रह्म स्नान, देव स्नान, आरशि स्नान, मानव स्नान और दानव स्नान का जिक्र किया गया है। इसके लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है।
सुहागिन महिलाओं के लिए ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना बेहद शुभ माना जाता है। इसके लिए सुबह 5-6 बजे के बीच का समय निर्धारित किया गया है।
यह स्नान सुबह 6-8 बजे के बीच में किया जाता है। यह स्नान सूर्योदय के बाद तक किया जा सकता है। हालांकि, सुबह 8 बजे के बाद स्नान करने से दुर्भाग्य आता है।
सुबह 08 बजे के बाद स्नान करने से शरीर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होने लगता है। इसके अलावा, व्यक्ति के सोचने-समझने की क्षमता कम होने लगता है।
सुबह स्नान करते समय गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती. नर्मदे सिन्धु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु का जाप करना चाहिए। इससे सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
रोजाना स्नान करने के बाद सूर्य देव को जल चढ़ाना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति को कार्य में सफलता मिलती है और धन से जुड़ी समस्या दूर होती है।
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