विवाह पंचमी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। हर वर्ष मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी मनाई जाती है।
इस साल विवाह पंचमी 17 दिसंबर को मनाई जाएगी। इस दिन माता जानकी और भगवान श्रीराम का विवाह हुआ था।
महर्षि तुलसीदास ने रामचरितमानस में श्रीराम जानकी विवाह का वर्णन किया है। इस दिन देश के विभिन्न क्षेत्रों में राम विवाह का आयोजन किया जाता है।
विवाह पंचमी का शुभ मुहूर्त 16 दिसंबर को शाम 8 बजे से शुरू होकर 17 दिसंबर को शाम 5 बजकर 53 मिनट तक रहेगा, इसलिए उदयातिथि के अनुसार 17 दिसंबर को विवाह पंचमी मनाई जाएगी।
इस दिन हर्षण योग का निर्माण हो रहा है। इस योग में भगवान श्रीराम और माता जानकी की पूजा करना बहुत शुभ माना गया है।
इस दिन बालव और कौलव करण योग का निर्माण हो रहा है। इन दोनों ही योग का ज्योतिष शास्त्र में विशेष महत्व है।
इस दिन माता जानकी और भगवान श्रीराम की पूजा करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और सौभाग्य में वृद्धि होती है।
इस साल विवाह पंचमी खरमास के दौरान पड़ रही है, इसलिए इस दिन विवाह आदि कार्य नहीं किए जाएंगे।
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