आज हम आपको बताएंगे कि मृत्यु के बाद किसी व्यक्ति के आईडी प्रूफ का क्या करना चाहिए? आइए इसके बारे में जानें।
इन आईडी प्रूफ में हम सबसे पहले आधार कार्ड की बात करेंगे। इसका इस्तेमाल एलपीजी सब्सिडी, स्कॉलरशिप और ईपीएफ अकाउंट में होता है।
अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाए, तो ऐसे में आधार कार्ड को अपडेट नहीं कराया जा सकता है क्योंकि इसमें डिएक्टिवेशन को कोई विकल्प नहीं है।
हालांकि आपको मृत व्यक्ति का आधार कार्ड संभालकर रखना चाहिए। ताकि इसका कोई गलत इस्तेमाल न किया जा सकें।
पैन कार्ड का इस्तेमाल इनकम टैक्स रिटर्न, बैंक और डीमैट अकाउंट को ऑपरेट करने के लिए किया जाता है।
व्यक्ति के मृत्यु हो जाने के बाद आपको पैन कार्ड को सरेंडर करवाना चाहिए क्योंकि इसके लिए सरेंडर का ऑप्शन दिया गया है।
वोटर आईडी कार्ड वोट के अलावा आईडी प्रूफ के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है।
व्यक्ति के मृत्यु हो जाने के बाद आपको वोटिंग कार्ड कैंसिल करवाना होता है। निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960 के तहत वोटर आईडी कैंसिल हो सकता है।
व्यक्ति की मृत्यु हो जाने के बाद पासपोर्ट को सरेंडर करने की आवश्यकता नहीं होती है। बिजनेस से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें jagran.com