हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का अत्यधिक महत्व है, यह दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। प्रदोष व्रत हर महीने में 2 बार मनाया जाता है।
वहीं सोमवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है, वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाला प्रदोष व्रत 20 मई यानी सोमवार के दिन पड़ रहा है।
सोम प्रदोष व्रत के शुभ मुहूर्त की बात करें तो इसका शुभ मुहूर्त 20 मई को दोपहर 2 बजकर 28 मिनट पर शुरू होकर अगले दिन 21 मई को 4 बजकर 9 मिनट पर होगा।
ऐसे में प्रदोष काल 20 मई को शाम में होगा, इस वजह से सोमवार के दिन प्रदोष व्रत का पालन किया जाएगा। इस दिन विधि-विधान से शिव जी की पूजा करनी चाहिए।
सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है, ऐसे में सोमवार के दिन प्रदोष व्रत पड़ने से अच्छा संयोग बन रहा है।
प्रदोष व्रत के दिन शिव जी की पूजा के साथ-साथ पितृ स्तोत्र का भी पाठ करना चाहिए, ऐसा करने से पितृ दोष दूर होता है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
शिव जी की पूजा करते समय उनका जलाभिषेक करें, और पंचामृत से अभिषेक करें। इसके साथ ही शिवलिंग पर इत्र, बेलपत्र, चंदन आदि अर्पित करें, ऐसा करने से शिव जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
प्रदोष व्रत के दिन शिव जी की पूजा करते समय शिव जी के प्रिय फूल जैसे-चमेली का फूल, कनेर का फूल अर्पित करें, इसके बाद में शिव जी की आरती करें।
सोम प्रदोष व्रत के दिन यह उपाय करने से शिव जी प्रसन्न करते हैं, धर्म और आध्यात्म से जुड़ी ऐसी ही अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहें jagran.com