कई बार आपने देखा होगा कि चींटियों सीधी लाइन में चलती हैं। आइए जानते हैं कि चींटियों के इस तरह से चलने की क्या वजह होती है?
अपने चींटियों को दल में चलते हुए देखा होगा। इनके चलने का नजारा सैन्य परेड लगता है। इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण भी होते हैं।
अगर चींटियों सीधी लाइन में चलती हैं, तो इसके पीछे कुछ वजह होती है। इससे वे भोजन के स्रोत तक भी जल्दी पहुंच जाती हैं।
चींटियों के एक-दूसरे को रास्ता दिखाने के लिए फेरोमोन ट्रेल छोड़ती हैं। यह एक तरह का रसायन होता है, जो चींटियों को सीधी लाइन में चलने में मदद करता है।
चींटियां फेरोमोन ट्रेल के सहारे सीधी लाइन में चलती हैं। यह ट्रेल जितना मजबूत होता है, चींटियों का झुंड भी उतना ही दूर तक रहता है।
अगर किसी वजह से रास्ते में रुकावट आ जाए तो चींटियां अपना रास्ता बदल सकती हैं। इसके बाद चींटियां नए रास्ते पर फेरोमोन छोड़ने लगती हैं, जिससे नया रास्ता बन जाता है।
कई बार फेरोमोन ट्रेल टूटने के बाद चींटियां गोल-गोल घूमने लगती हैं। जबतक नया रास्ता नहीं मिल जाता है, तबतक ऐसे ही चलती रहती हैं। इसे डेथ सर्कल कहते हैं।
वैज्ञानिकों ने इसी से प्रेरित होकर एल्गोरिदम का निर्माण किया, जिनका इस्तेमाल ट्रैफिक कंट्रोल, रोबोटिक्स और इंटरनेट नेटवर्क्स में किया जा रहा है।
चींटियों की सीधी लाइन में चलने की वजह को जानने समेत लाइफस्टाइल से जुड़ी तमाम जानकारियों के लिए जुड़े रहें jagran.com के साथ