आयुर्वेद में आक का पौधे विशेष महत्व रखता है। यह पौधा छत्तादार होता है और इसके पत्ते बेहद मुलायम होते हैं। मरुस्थली इलाके में आक के पौधे ज्यादा पाए जाते हैं।
डायबिटीज के मरीजों के लिए आक रामबाण औषधि है। इसकी पत्तियों का इस्तेमाल कर ब्लड शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है।
आज हम आपको बताएंगे कि डायबिटीज के मरीजों को आक की पत्तियों का सेवन किस तरह से करना चाहिए? आइए इसके बारे में विस्तार से जानें।
सबसे पहले आक की पत्तियों को अच्छी तरह से सुखाएं। सुखाने के बाद इन पत्तियों का पाउडर बना लें। अब एक गिलास पानी में इस पाउडर को मिलाएं और इसका सेवन करें।
आक के पत्तों में सूजनरोधी गुण होते हैं, जो गठिया और अन्य सूजन से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मददगार माने जाते हैं क्योंकि इन पत्तियों में मौजूद कैलोट्रोपिन जैसे यौगिक होते हैं।
बवासीर में आक की पत्तियां किसी रामबाण से कम नहीं है। इसके लिए आक की पत्तियों को पीसकर बवासीर के घाव पर लगाएं। इससे आपको आराम मिलेगी।
कई रिसर्च पेपर में यह बात निकलकर सामने आई है कि आक के पत्तों की मदद से सिरदर्द को दूर किया जा सकता है। इसके लिए आक के पत्तों को पीस लें और उनका लेप सिर पर लगाएं।
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