जानिए मां चंद्रघंटा की आरती का महत्व


By Farhan Khan24, Mar 2023 02:13 PMjagran.com

चैत्र नवरात्र

चैत्र नवरात्र का आज तीसरा दिन है और यह दिन माता चंद्रघंटा के नाम से जाना जाता है।

माता चंद्रघंटा

माता चंद्रघंटा की अराधना करने से भक्तों को वीरता और निर्भयता के अलावा विनम्र और सौम्य स्वभाव प्राप्त होता है।

धर्म शास्त्रों

धर्म शास्त्रों के अनुसार, मां चंद्रघंटा ने राक्षसों के संहार के लिए अवतार लिया था।

तीनों देव

इनमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवों की शक्तियां समाहित हैं।

हाथों में हथियार

मां चंद्रघंटा अपने हाथों में तलवार, त्रिशूल, धनुष व गदा धारण करती हैं।

अर्द्ध चंद्र

इनके माथे पर घंटे के आकार में अर्द्ध चंद्र विराजमान है। इसलिए ये चंद्रघंटा कहलाती हैं। भक्तों के लिए माता का ये स्वरूप सौम्य और शांत है।

गंगाजल

इस दिन जल्दी उठकर स्नान के बाद पूजा स्थान पर गंगाजल छिड़कने के बाद मां चंद्रघंटा का ध्यान करते हुए उनके समक्ष दीपक प्रज्वलित करें।

भोग लगाएं

अब माता रानी को अक्षत, सिंदूर, पुष्प आदि चीजें अर्पित करें। इसके बाद मां को प्रसाद के रूप में फल और केसर-दूध से बनी मिठाइयों या खीर का भोग लगाएं।

क्षमा याचना

फिर मां चंद्रघंटा की आरती करें। पूजा के पश्चात किसी भी गलती के लिए क्षमा याचना करें।