इस दिन भगवान बुद्ध की पूजा करने से जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं। आइए जानते हैं कि बुद्ध पूर्णिमा पर क्या उपाय करने से रुके हुए कार्य होने लगते हैं?
पंचांग के अनुसार, 12 मई को बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाएगी। इस दिन भगवान बुद्ध की पूजा करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और पहले से रुके हुए कार्य भी होने लगते हैं।
पंचांग के अनुसार, बुद्ध पूर्णिमा की शुरुआत 11 मई को शाम 08 बजकर 01 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 12 मई को रात 10 बजकर 25 मिनट पर होगा।
कई उपाय ऐसे होते हैं, जिसे बुद्ध पूर्णिमा पर करना शुभ माना जाता है। इन उपायों को करने से जीवन में तरक्की होती है।
पूर्णिमा के दिन स्नान करने का विशेष महत्व होता है। बुद्ध पूर्णिमा पर पवित्र नदी में स्नान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही, पहले से रुके हुए कार्य होते हैं।
बुद्ध पूर्णिमा पर पूजा करते समय भगवान बुद्ध को धूप, दीप, पुष्प, चंदन और फल आदि अर्पित करना चाहिए। इससे जीवन में शांति की प्राप्ति होती है।
बुद्ध पूर्णिमा पर गरीब और जरूरतमंद लोगों को पंखा, चप्पल, छतरी और अनाज या फल आदि चीजों का दान करें। इससे जीवन में किसी भी चीज की कमी नहीं होती है।
बुद्ध पूर्णिमा पर भगवान बुद्ध की पूजा करते समय ‘बुद्धं शरणं गच्छामि और चंद्रमा को अर्घ्य देते समय ऊं ऐं क्लीं सोमाय नम: मंत्र का जाप करें।
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