Navratri 2022: नवरात्र के नौ दिनों में इन नौ रंगों का भी है महत्व


By Shantanoo Mishrajagran.com

पीला रंग

पीला रंग माता शैलपुत्री से जुड़ा हुआ है जो हमारे जीवन में चमक, खुशी और उत्साह लाता है। नवरात्र के पहले माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है।

हरा रंग

हरा रंग मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित रंग है। यह नवीकरण, प्रकृति और ऊर्जा का प्रतीक है। दुर्गा पूजा पर्व के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है।

धुमैला रंग

तीसरा दिन माता चंद्रघंटा को समर्पित है। इनका पसंदीदा रंग धुमैला है। यह रंग बुराई को नष्ट करने और उत्साह व दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।

नारंगी रंग

नारंगी रंग माता खुशमांडा से जुड़ा हुआ है। माता खुशमांडा हर समय मुस्कुराती रहती हैं। यही कारण है कि इनका रंग नारंगी है जो चमक, खुशी और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है।

सफेद रंग

स्कंदमाता देवी का प्रतीक सफेद रंग है। शास्त्रों के अनुसार सफेद रंग पवित्रता, शांति और ध्यान का प्रतिनिधित्व करती है।

लाल रंग

लाल रंग माता कात्यायनी को समर्पित है। इन्हें भद्रकाली के रूप में भी जाना जाता है। यह रंग शत्रु अथवा नकारात्मकता के प्रति क्रोध और निर्भयता का प्रतिनिधित्व करता है।

नीला रंग

मां दुर्गा की सातवीं स्वरूप हैं माता कालरात्रि। नीला रंग इन्हें समर्पित है। असुर और नकारत्मक शक्तियों के नाश के लिए इन्हें ध्यान किया जाता है। यही कारण है कि यह रंग अपार शक्ति का प्रतीक है।

गुलाबी रंग

गुलाबी रंग देवी सिद्धिदात्री को समर्पित है। देवी सिद्धिदात्री ज्ञान और सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने में सहयोग करती हैं। यह रंग महत्वाकांक्षा और शक्ति का प्रतीक है।