गणेश जी के बड़े कान इस बात को दर्शाते हैं कि व्यक्ति को एक अच्छा श्रोता बनना चाहिए। हर सही बात को ग्रहण करना चाहिए।
गणेश जी के बड़े माथा का मतलब है कि हर काम में बुद्धि लगाकर करना चाहिए, जिससे हर काम में सफलता प्राप्त हो।
गणपति जी का बड़ा पेट दर्शाता है कि अच्छी और बुरी बातों को अच्छी तरह समझें और सही बात को को आसानी से पचा लें
भगवान गणेश की सूंड दर्शाती है कि व्यक्ति को हमेशा एक्टिव रहना चाहिए। तभी वह हर काम में सफलता पा सकता है।
भगवान गणेश की आंखें दूरदर्शिता को दर्शाती है। हर एक चीज का गहराई से अध्ययन करना चाहिए।
गणपति जी ने अपने टूटे हुए दांत से पूरी महाभारत लिख दी थी। इससे हमें यहीं शिक्षा मिलती है कि हर एक चीज का सदुपयोग करना चाहिए।
शास्त्रों के अनुसार भगवान गणेश का शस्त्र कुल्हाड़ी है जो इस बात को दर्शाती है कि व्यक्ति को क्रोध, लालसा, लालच, बुराइयों से मुक्त रहना चाहिए।
भगवान गणेश का वाहन मूषक राज है। इसका अर्थ है कि व्यक्ति को अपनी इच्छाओं की सवारी करनी चाहिए।