हममें से ज्यादातर लोग अपनी फीलिंग्स का इजहार करने के लिए दिल वाली इमोजी का इस्तेमाल करते हैं।
हालांकि आप जानते ही होंगे कि असली हार्ट की शेप दिल वाली इमेज से काफी अलग होती है, तो आखिर ये दिल वाली इमोजी आई कहां से?
आज हम आपको बताएंगे कि इस हार्ट वाली इमोजी का इतिहास क्या है? जो असली दिल से एकदम अलग है। आइए इसके बारे में जानें।
हार्ट की जो शेप प्यार जाहिर करने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं, वह असल में एक पौधे के बीज से आई है। इस पौधे का नाम सिल्फियम था।
प्रसिद्ध इतिहासकार हेरोडोटस ने अपनी पुस्तक 'हिस्टोरिया' में इस पौधे के बारे में बताया है। इस पौधे के बीजों का इस्तेमाल गर्भनिरोधक के रूप में किया जाता था।
पुराने किस्सों में यह दावा किया जाता है कि प्राचीन काल में शादी से पहले युवक-युवतियों के बीच शारीरिक संबंध आम थे।
मान्यता है कि उस समय अनचाहे गर्भधारण से बचने के लिए सिल्फियम के बीजों का इस्तेमाल किया जाता था।
धीरे-धीरे, इन बीजों को प्यार का प्रतीक मान लिया गया और लोगों ने इसे विभिन्न प्रकार की वस्तुओं पर उकेरना शुरू कर दिया।
वहीं दिल लगभग 13 सेंटीमीटर लंबा और 9 सेंटीमीटर चौड़ा होता है और छाती के मध्य में थोड़ा सा बाईं ओर स्थित होता है।