स्वदेशी विमान वाहक युद्धपोत INS Vikrant की खास विशेषतांए


By Abhishek Pandeyjagran.com

देश सेवा में समर्पित

मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत बने स्वदेशी विमान वाहक युद्धपोत आइएनएस विक्रांत सरहदों की रक्षा के लिए नौसेना के बेड़े में शामिल हो गया है।

1971 में अहम भूमिका

आइएनएस विक्रांत का नाम इसके पुराने नाम पर रखा गया है, जिसने 1971 के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

लागत

इस स्वदेशी विमान वाहक युद्धपोत की कुल लागत 20,000 करोड़ रुपये है।

लंबाई

आइएनएस विक्रांत की कुल लंबाई 262 मीटर और चौड़ाई 62 मीटर है। जबकि ऊंचाई 59 मीटर है।

इंजन

स्वदेश में बने इस युद्धपोत की पावर 88 मेगावाट है और 4 गैस टर्बाइन इंजन लगे हुए हैं।

कम्पार्टमेंट

आइएनएस विक्रांत में 14 मंजिले हैं, जिसमें 2300 कम्पार्टमेंट, 2 ऑपरेशन थियेटर और 16 बिस्तर का अस्पताल शामिल है।

पार्किंग की व्यवस्था

इस युद्धपोत पर 6 हेलीकॉप्टर और 12 फाइटर जेट के लिए पार्किंग की व्यवस्था है।

नाइट लैंडिंग

इस अत्याधुनिक विमान वाहक युद्धपोत में नाइट लैंडिंग के लिए 270 लाइट्स उपलब्ध हैं।