सनातन धर्म में दीपावली और होली का बहुत ज्यादा महत्व है। दोनों ही पर्व के बाद आने वाली द्वितीया तिथि को भाई दूज कहा जाता है।
पारंपरिक रूप से यह पर्व भाई-बहन के बीच स्नेह के बंधन को मजबूत करता है। बहुत जगह भाई दूज को भ्रातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है।
भाई दूज के दिन बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं और फल, मिठाई आदि चीजें देकर उसकी लंबी आयु की कामना करती हैं।
भाई भी बदले में अपनी बहन को हर विषम परिस्थिति में उसकी रक्षा का वचन देता है। भाई दूज पर बहनों के तिलक लगाने से भाई की आयु बढ़ती है और उसके सभी संकट दूर होते हैं।
ऐसे में चलिए जानते हैं इस साल भाई दूज कब है और भाई को टीका करने का शुभ मुहूर्त क्या होगा।
पंचांग के अनुसार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि अर्थात 27 मार्च को भाई को टीका करने के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं।
पहला मुहूर्त- सुबह 10.54 से दोपहर 12.27 तक होगा और दूसरा मुहूर्त- दोपहर 03.31 से शाम 05.04 तक होगा।
भाई को चौकी पर बैठाएं। कुमकुम से तिलक कर चावल लगाएं। भाई को नारियल देकर समस्त देवी-देवता से उसकी सुख, समृद्धि दीर्घायु की कामना करें।
अब भाई बहन को उपहार में सामर्थ्य अनुसार भेंट करें। अध्यात्म से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें jagran.com