भैया दूज से जुड़े रोचक तथ्य जानें


By Farhan Khan15, Nov 2023 11:58 AMjagran.com

भाई दूज

कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भाई दूज मनाया जाता है। इस पर्व का मुख्य लक्ष्य भाई बहन के पवित्र संबंध और प्रेम को और भी प्रगाढ़ बनाना है।

तिलक लगाना

इस दिन बहनें अपने भाइयों के स्वस्थ एवं दीर्घायु होने की मंगलकामना करते हुए उन्हें तिलक लगाती है। वहीं इस दिन कुछ स्थानों पर बेरी पूजन की भी परंपरा है।  

गंगा में स्नान

भाई दूज के दिन भाइयों को गंगा यमुना जैसी पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए। टीका कराने के लिए भाइयों को बहन के घर जाना चाहिए।

उपहार दें

ऐसा करने से भाई की आयु बढ़ती है और उनके जीवन के सारे कष्ट दूर होते हैं। भोजन करने और टीका कराने के बाद अपनी बहन को उपहार अवश्य दें।

यमराज और यमुना

सूर्यदेव की पत्नी का नाम छाया था और उन्हीं से यमराज और यमुना का जन्म हुआ। यमुना यमराज से बड़ा स्नेह करती थीं। वह बार बार अपने भाई से अपने यहां आने का निमंत्रण देती थीं।

घर आने का वचन

एक बार कार्तिक शुक्ल द्वितीया को उन्होंने अपने भाई से घर पर आने का वचन ले लिया। यमराज जाने में इसलिए संकोच करते कि वह तो लोगों के प्राणों को हरने वाले हैं।

भोजन कराया

किंतु इस बार बहन की बात को नहीं टाल सके क्योंकि वचन दे चुके थे। यमराज के घर आगमन पर प्रसन्नता से उन्हें स्नान करा बहन ने अपने हाथों से बना हुआ भोजन कराया।

शुक्ल पक्ष की द्वितीया

बहन के आतिथेय से प्रसन्न होकर उन्होंने वर मांगने को कहा, इस पर यमुना ने कहा भाई, आप हर साल कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मेरे घर आकर भोजन किया करें।

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