सनातन धर्म में गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं कि माता रानी की कृपा के लिए किस संयोग में पूजा करें?
पंचांग के अनुसार, गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 6 जुलाई से हो गई है।वहीं, इसका समापन 15 जुलाई को होगा।
गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए विधि विधान से पूजा करनी चाहिए। ऐसे में शुभ संयोग में माता रानी की पूजा कर सकते हैं।
पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 09 जुलाई को शुरू होगी। ऐसे में साधक तृतीया तिथि पर मां दुर्गा की पूजा निशा काल में कर सकते हैं।
आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि यानी 08 जुलाई को दोपहर 12 बजकर 05 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त शुरू हो रहा है। इस मुहूर्त का समापन 12 बजकर 59 मिनट पर होगा।
पंचांग के अनुसार, गुप्त नवरात्रि में तृतीया तिथि पर करण का संयोग बन रहा है। इस संयोग का समापन संध्याकाल में 05 बजकर 29 मिनट पर होगा।
गुप्त नवरात्रि में इन संयोग में मां दुर्गा की पूजा करने पर मनोकामना पूरी होगी। इसके साथ ही, माता रानी की कृपा बनी रहेगी।
गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा का प्रसन्न करने के लिए लाल फूल जैसे- कमल और गुड़हल का फूल चढ़ाना शुभ होता है। इससे मां दुर्गा की कृपा बनी रहती है।
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