इस घास का विशेष महत्व है। इसे गणेश जी की पूजा करते समय अर्पित किया जाता है। इसे दूब घास के नाम से भी जाना जाता है।
इसके धार्मिक महत्व के अलावा इसके कई सारे हेल्थ बेनिफिट्स भी हैं। इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, फाइबर, पोटैशियम पाए जाते हैं।
एनीमिया की समस्या में दूब घास बहुत फायदेमंद होती है। दूब खून को साफ करती और लाल रक्त कोशिकाओं में वृद्धि करती है। इसके सेवन से हीमोग्लोबिन का स्तर नियंत्रित रहता है।
छाले की समस्या से परेशान हैं, तो गर्म पानी में दूब की पत्तियों को उबालकर पीने से यह समस्या दूर होती है।
सुबह नंगे पैर दूब घास पर चलने से माइग्रेन और तनाव की समस्या दूर होती है। इसे पीसकर पैरों और माथे पर लगाने से मस्तिष्क को ठंडक मिलती है।
इसके इस्तेमाल से स्किन संबंधी समस्याएं भी दूर होती हैं। खुजली, जलन, चकत्ते की समस्या है तो दूब घास को हल्दी के साथ पीसकर लगाने से समस्या से राहत मिलती है।
इसका सेवन डायबिटीज की समस्या में बहुत फायदेमंद होता है। खाली पेट दूब घास का रस पीने से ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है।
इसका इस्तेमाल पाइल्स की समस्या में भी किया जाता है। इसे पीसकर दही के साथ लगाने पर पाइल्स की समस्या में राहत मिलती है।
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