सनातन धर्म में तुलसी के पौधे की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं कि कार्तिक मास में तुलसी की पूजा करते समय क्या बोलना चाहिए?
इस मास में दिवाली और छठ पूजा जैसे त्योहार आते हैं। कार्तिक मास की शुरुआत आज यानी 18 अक्टूबर से हो गई है। इसका समापन 15 नवंबर 2024 को होगा।
तुलसी के पौधे में मां लक्ष्मी का वास रहता है। ऐसे में रोजाना इस पौधे की पूजा करने से धन से जुड़ी समस्या दूर होने लगती है और व्यक्ति को धन लाभ होता है।
तुलसी की पूजा करते समय नमो नमस्ते तुलसी पापं हर हरिप्रिये। तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी। धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।। लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्। तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया मंत्र पढ़ें।
कार्तिक मास में तुलसी की पूजा करते समय ॐ सुभद्राय नम: मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है और साधक पर आशीर्वाद बनाए रखती हैं।
पूजा के समय महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते मंत्र पढ़ना शुभ होता है। इसे पढ़ने से मां तुलसी का आशीर्वाद मिलता है।
तुलसी माता की पूजा करते समय इन मंत्रों का जाप करने से आर्थिक स्थिति बेहतर होने लगती है। इसके साथ ही, धन से जुड़ी समस्याएं दूर होने लगती हैं।
रोजाना तुलसी के पौधे की पूजा करने से घर में मां लक्ष्मी का वास होता है। इससे परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन भी होता है।
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