सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व होता है। इस दौरान पूजा करने से जीवन में सुख-शांति आती है। आइए जानते हैं कि प्रदोष व्रत पर किन मंत्रों का जप करना चाहिए?
पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास में प्रदोष व्रत 28 नवंबर 2024 को रखा जाएगा। इस दौरान भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने परेशानियां दूर होने लगती हैं।
पंचांग के अनुसार, प्रदोष व्रत की शुरुआत 28 नवंबर को सुबह 06 बजकर 23 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 29 नवंबर को सुबह 08 बजकर 39 मिनट पर होगा।
जीवन में आने वाले संकट को दूर करने के लिए मंत्र का जप करना चाहिए। इससे देवी-देवताओं का भी आशीर्वाद मिलता है और रुके हुए कार्य होने लगते हैं।
प्रदोष व्रत पर भगवाना शिव की पूजा करते समय ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करना चाहिए। इससे साधक के जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होने लगती हैं।
अगर आप किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना कर रहे हैं, तो प्रदोष व्रत पर ॐ महादेवाय नमः मंत्र का जप करें। इससे सारे संकट दूर होने लगते हैं।
प्रदोष व्रत पर ॐ कार्तिकेय नमः मंत्र का जप करना शुभ माना जाता है। इससे कार्य में आने वाली बाधा दूर होने लगती है और धन लाभ होता है।
अगर आपको लंबे समय से सफलता नहीं मिल रही है, तो प्रदोष व्रत पर इन मंत्रों का जप करें। इससे कार्य में सफलता मिलने लगती है और धन लाभ होता है।
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