हिंदू धर्म के अनुसार कुछ पर्व को विशेष महत्व दिया गया है। इनमें राधा अष्टमी का पर्व भी शामिल है। यह पर्व राधा रानी के जन्म का प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस दिन देवी तुलसी की पूजा की जाती है।
राधा अष्टमी के दिन देवी तुलसी की पूजा करने से आपके घर में खुशहाली आ सकती है। आपके बिगड़े काम बन सकते हैं। आपकी दिन-रात तरक्की हो सकती है। घर में धन का आगमन हो सकता है।
आज हम आपको एक ऐसी चालीसा के बारे में बताएंगे, जिसका राधा अष्टमी के दिन जाप करने से आपकी दिन-रात तरक्की हो सकती है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानें, ताकि आपको सही जानकारी हो सकें।
हम आपको तुलसी चालीसा के बारे में बता रहे हैं। राधा अष्टमी के दिन तुलसी चालीसा का जाप करने से आपका जीवन संवर सकता है। घर में खुशहाली आ सकती है।
जय जय तुलसी भगवती,सत्यवती सुखदानी। नमो नमो हरि प्रेयसी,श्री वृन्दा गुन खानी॥ श्री हरि शीश बिरजिनी,देहु अमर वर अम्ब। जनहित हे वृन्दावनी,अब न करहु विलम्ब॥
धन्य धन्य श्री तुलसी माता। महिमा अगम सदा श्रुति गाता॥ हरि के प्राणहु से तुम प्यारी। हरीहीँ हेतु कीन्हो तप भारी॥ जब प्रसन्न है दर्शन दीन्ह्यो। तब कर जोरी विनय उस कीन्ह्यो॥
हे भगवन्त कन्त मम होहू। दीन जानी जनि छाडाहू छोहु॥ सुनी लक्ष्मी तुलसी की बानी। दीन्हो श्राप कध पर आनी॥ उस अयोग्य वर मांगन हारी। होहू विटप तुम जड़ तनु धारी॥
सुनी तुलसी हीँ श्रप्यो तेहिं ठामा। करहु वास तुहू नीचन धामा॥ दियो वचन हरि तब तत्काला। सुनहु सुमुखी जनि होहू बिहाला॥ समय पाई व्हौ रौ पाती तोरा। पुजिहौ आस वचन सत मोरा॥
इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। अध्यात्म से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें jagran.com