भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान योद्धा और राष्ट्रीय नायकों में से एक शहीद भगत सिंह का आज 117वीं जयंती है।
भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को लाहौर (अब पाकिस्तान) में हुआ था। जिन्हें भारत भर में गर्व और श्रद्धांजलि से याद किया जाता है।
भगत सिंह ने अपने बलिदान से भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शहीद भगत सिंह का आज 117वीं जयंती पर आज हम आपको उनके क्रांतिकारी विचारों से रूबरू कराएंगे। आइए इन विचारों के बारे में जानें।
मैं जीवन में महत्वाकांक्षा, आशा और आकर्षण से भरा हुआ हूं, लेकिन मैं जरूरत के समय सब कुछ त्याग सकता हूं।
अगर बेहरों को सुनाना है, तो आवाज बहुत तेज होनी चाहिए
राख का हर एक कण, मेरी गर्मी से गतिमान है। मैं एक ऐसा पागल हूं, जो जेल में भी आजाद है।
जो भी व्यक्ति विकास के लिए खड़ा है, उसे हर एक रुढ़िवादी चीज की आलोचना करनी होगी, उसमें अविश्वास करना होगा, तथा उसे चुनौती देनी होगी।
बम और पिस्तौल क्रांति नहीं करते। क्रांति की तलवार विचारों के पत्थर पर तेज होती है।